::::: डोभा का पानी पीने को ग्रामीण विवश

::::: डोभा का पानी पीने को ग्रामीण विवश 2, खेत में बने डोभा में स्नान करते ग्रामीण.बुंडू. प्रखंड के तैमारा पंचायत के कोलेंगहातु व डहुडीह गांव के ग्रामीण पानी की समस्या के कारण खेत में बने डोभा का पानी पीने को विवश हैं. डोभा में भी पानी कम है. गांव की महिलाएं सुबह से ही […]

::::: डोभा का पानी पीने को ग्रामीण विवश 2, खेत में बने डोभा में स्नान करते ग्रामीण.बुंडू. प्रखंड के तैमारा पंचायत के कोलेंगहातु व डहुडीह गांव के ग्रामीण पानी की समस्या के कारण खेत में बने डोभा का पानी पीने को विवश हैं. डोभा में भी पानी कम है. गांव की महिलाएं सुबह से ही दो घड़ा पानी पाने के लिए परेशान रहती हैं. गांव के ग्रामीण देवसिंह कुम्हार, प्रभु कुम्हार, फुलचंद कुम्हार, नारायण कुम्हार, तारी देवी, पुतूल देवी, सुशीला देवी, विमला देवी, सुमन देवी आदि ने बताया कि गांव का सभी चापानल खराब हो गया है. खेत में बना डोभा भी गरमी से सूख रहा है. पानी खत्म न हो जाये, इसलिए महिलाओं में पहले पानी लेने की होड़ लगी रहती है. मनुष्य तो किसी प्रकार अपने जरूरत पूरा कर लेते हैं, लेकिन इन दिनों मवेशियों को पानी की दिक्कत है. 500 आबादी वाले इस गांव में मुुंडा , क्रिश्चियन, कुम्हार, रविदास, टुटी आदि जाति के लोग रहते हैं. ग्रामीण गांव में बने एक छोटा डोभानुमा तालाब में नहाते हैं. सुबह से लेकर 10 बजे दिन तक पुरुष एवं इसके पश्चात महिलाएं यहां स्नान करती हैं. ग्रामीण बताते हैं कि हम ग्रामीण तो किसी प्रकार कष्ट कर भी काम चला ले रहे हैं, लेकिन गांव में शादी-ब्याह होने पर हम क्या करेंगे, यह सोच कर ही परेशान हो जाते हैं. पेयजल संकट की स्थिति कमोबेश तैमारा और इसके आसपास के गांवों में भी है।

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