राज्यस्तरीय समिति में एक भी आदिवासी प्रतिनिधि का नहीं होना साजिश : अलेस्टेयर
प्रतिनिधि, तोरपा.
प्रखंड के ओकड़ा मौजा में प्रखंड स्तरीय पारंपरिक ग्रामसभा संघ की क्षेत्रीय बैठक लिबनुस भेंगरा की अध्यक्षता में हुई. जिसमें झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि पारंपरिक ग्रामसभा, पंचायत व्यवस्था की भूमिका, अधिकार व कर्तव्य की समीक्षा करने और प्रारूप निर्माण के लिए जो राज्यस्तरीय समिति का गठन पंचायत राज विभाग द्वारा किया गया है, वे राज्य सरकार के प्रति तो निष्ठावान हो सकते हैं, लेकिन पारंपरिक स्वशासी व्यवस्था को अधिकार संपन्न करने को लेकर उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात तो यह है कि इस समिति में एक भी आदिवासी प्रतिनिधि नहीं है. साजिश के तहत यह सब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है. मसीहदास गुड़िया ने परंपरागत व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि खेवट और खूंट के आधार पर ही आदिकाल से हमारी व्यवस्था चली आ रही है, उससे छेड़छाड़ नहीं करना है. प्रमुख रोहित सुरीन ने पंचायत राज विभाग की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों को सचेत किया. कहा कि सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि गांव हमारा है. इसका भविष्य हम पर ही निर्भर है. बेनेदिक्त नवरंगी ने कहा कि झूठा सपना दिखा कर बैंक खाता खोलने का लालच दिया जा रहा है. पारंपरिक ग्रामसभा के अगुवों को इस बहकावे में फंसना नहीं है. बैठक को प्रखंड स्तरीय पारंपरिक हातु सभा संघ के अध्यक्ष उम्बुलन तोपनो, प्रवक्ता अनसेलेम भेंगरा, बंधना मुंडा, अजीत भेंगरा, एतवा मुंडा, निरल भेंगरा, फ्रांसिस भेंगरा, बिमल भेंगरा, सिलास भेंगरा, मरकुस भेंगरा, सिल्वेस्टर भेंगरा, शेक्सपियर भेंगरा, आदोल सुरीन, बागू भेंगरा, प्रकाश भेंगरा, फिलीप भेंगरा, अनिता भेंगरा, इलिजाबेथ बारला, सलोमी भेंगरा, अश्रिता भेंगरा आदि ने भी संबोधित किया.
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