बुंडू : मुनु होड़ो के उबर राकब चुपद संस्था के तत्वावधान में बुंडू-राहे रोड स्थित ताऊ के केंद्रीय कार्यालय परिसर में कमि सम पोड़ो लिपि के अनुसार नव वर्ष मनाया गया.
मौके पर मुंडारी भाषा के विद्वानों ने कहा कि दुनिया में आदिवासियों की अलग पहचान है.अंगरेजी व हिंदी के प्रभाव से आदिवासी अपनी भाषा व लिपि को भुला रहे हैं. संस्था की ओर से कमि सम पोड़ो लिपि का कैलेंडर जारी कर नया वर्ष मनाने का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये. मौके पर लेखक वैद्यराज मानसिंह मुंडा, डॉ अनिता नाग, मरियम हासा, जगाय मुंडा, महादेव मुंडा, सोमरा मुंडा, लुदरा मुंडा, जबरा मुंडा, बिरसा मुंडा, दयानंद मुंडा, कड़िया मुंडा, सनिका मुंडा, शांति देवी, सरस्वती देवी, जावनी मुंडा आदि ने विचार रखे.
