पेंशन की आस में भटक रही लक्ष्मी

लाचारी. हाथ-पैर से 90 प्रतिशत नि:शक्त है बच्ची 12 वर्षीया लक्षमी के माता-पिता को चिंता खाये जा रही है़ उनकी चिंता है कि वह अपनी मासूम बच्ची को स्कूल कैसे भेंजे़ नि:शक्त बेटी कैसे रोजाना स्कूल आना-जाना करेगी़ कौन उसे ले जायेगा़, जबकि उसकी पढ़ने की इच्छा है़ खलारी : खलारी के मोहननगर निवासी 12 […]

लाचारी. हाथ-पैर से 90 प्रतिशत नि:शक्त है बच्ची
12 वर्षीया लक्षमी के माता-पिता को चिंता खाये जा रही है़ उनकी चिंता है कि वह अपनी मासूम बच्ची को स्कूल कैसे भेंजे़ नि:शक्त बेटी कैसे रोजाना स्कूल आना-जाना करेगी़ कौन उसे ले जायेगा़, जबकि उसकी पढ़ने की इच्छा है़
खलारी : खलारी के मोहननगर निवासी 12 वर्षीया लक्ष्मी एक साल से विकलांगता पेंशन पाने के लिए भटक रही है़ लक्ष्मी नि:शक्त है़ उसके पिता परदेशी महतो दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि मां आशा देवी गृहिणी है़
लक्ष्मी को चिकित्सकों ने 90 प्रतिशत विकलांग होने का सर्टिफिकेट दिया है, लेकिन बैंक में खाता नहीं खुलने के कारण उसे पेंशन नहीं मिल रही है़ लक्ष्मी की मां आशा देवी बताती हैं कि बैंक वाले आधार कार्ड की मांग कर रहे हैं
लक्ष्मी के विकलांगता के कारण उसका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है़ स्थिति यह है कि 12 वर्ष की लक्ष्मी को माता-पिता गोद में उठा कर ले जाते हैं़ जैसे–जैसे लक्ष्मी बड़ी हो रही है, उसे गोद में उठा कर कहीं ले जाने में मां को परेशानी हो रही है़ लक्ष्मी पढ़ना चाहती है, लेकिन बड़ी समस्या है कि वह स्कूल आना-जाना कैसे करे़ यहीं कारण है कि अभी तक किसी स्कूल में उसका नामांकन नहीं हुआ़ बुधवार को लक्ष्मी को लेकर उसकी मां खलारी प्रखंड आयी़ लक्ष्मी का हाल देख बीडीओ रोहित सिंह ने बैंक में खाता खुलवाने में मदद करने तथा जल्द विकलांगता पेंशन दिलवाने का आश्चासनदिया है़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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