बिजली विभाग का सरकारी कार्यालयों व उपभोक्ताओं पर
दस वर्षों में बढ़ी बकाये की राशि, नियमित बिजली नहीं मिलने से बिल देने से कतराते हैं उपभोक्ता
चतरा : बिजली विभाग का 39 करोड़ रुपये बकाया हैं. इसमें सरकारी कार्यालयों का 12 करोड़ व उपभोक्ताओं का 27 करोड़ शामिल हैं. दस वर्षों से यह राशि बढ़ती जा रही हैं. जिले के उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने के लिए विभाग 80 लाख यूनिट की खरीदारी हर माह करती है.
जबकि हर माह 20 मेगावाट बिजली खपत होती है. हर माह बिजली विभाग को काफी नुकसान हो रहा है. फ्रेंचाइजी भी बिजली बिल वसूलने में अक्षम साबित हो रहे है. यही वजह है कि हर वर्ष बकाया बिजली बिल बढ़ता जा रहा है. पेयजल एवं स्वचछता विभाग, भवन प्रमंडल, पीडब्लूडी, स्वास्थ्य विभाग, नगरपालिका, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन, अवर निबंधन कार्यालय के अलावा सिविल प्रशासनिक विभाग समेत कई विभागों पर बिजली बिल बकाया हैं. कई विभाग द्वारा मार्च में बिल का भुगतान किया जाता है.
नियमित बिजली नहीं मिलने से वसूली में होती है परेशानी: जिले के उपभोक्ताओं को नियमित व पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिलती है. यही वजह है कि उपभोक्ता बिजली बिल देने में आनाकानी करते हैं. हंटरगंज, प्रतापपुर, पत्थलगड्डा, सिमरिया प्रखंड के उपभोक्ताओं ने कई बार बिजली बिल लेने गये विद्युत कर्मियों को पूर्व में बंधक बनाया.
साथ ही बिजली नहीं, तो बिल नहीं कह कर वापस लौटाया है. पत्थलगड्डा प्रखंड नावाडीह बाजोबार के उपभोक्ताओं को जनवरी माह
का बिल अभी तक नहीं मिला
है. जबकि उपभोक्ता बिल देने को तैयार है. कई उपभोक्ताओं ने बताया कि विभाग द्वारा छह माह, सालभर के बाद बिल भेजा जाता है. अधिक बिल होने के कारण भुगतान नहीं कर पाता है.
