Jharkhand News: झारखंड में एलपीजी (LPG) संकट अभी भी बरकरार है. इस बीच उपभोक्ताओं के लिए एक बुरी खबर है. वह खबर ये है कि जिन उपभोक्ताओं के पास एलपीजी गैस कनेक्शन और बिजली की सुविधा मौजूद है उन्हें केरोसिन वितरण योजना से बाहर किया जा सकता है.
सरकार का क्या मानना है?
केरोसिन वितरण बदलाव को खाद्य आपूर्ति विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना में इसे शामिल किया है. सरकार का मानना है कि जिन परिवारों के पास अन्य ऊर्जा के साधन, जैसे गैस और बिजली उपलब्ध हैं, उन्हें केरोसिन जैसी सब्सिडी वाली योजना में शामिल रखना तर्कसंगत नहीं है.
अभी क्या स्थिति क्या है?
केरोसिन तेल वितरण योजना से अभी 60.17 लाख लाभुक परिवार जुड़े हुए हैं. इसके तहत इन परिवारों को प्रति महीने एक लीटर की दर से केरोसिन तेल का वितरण किया जाता है. जन वितरण प्रणाली के माध्यम से बांटे जाने वाले प्रति लीटर केरोसिन तेल पर 50 पैसे की दर से राज्य योजना से खर्च किया जाता है. इसके लिए सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) में 2.70 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव किया है.
दाम ज्यादा की वजह से घटी दिलचस्पी
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन रांची के अध्यक्ष ज्ञानदेव झा ने कहा कि झारखंड में केरोसिन की कीमत 80-85 रुपये है. दाम ज्यादा होने की वजह से शहरी क्षेत्र में योजना का फायदा पाने वाले लोग इस योजना में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं.
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