जामताड़ा : आउटडोर स्टेडियम में रविवार को स्व. अमिताभ चौधरी की चौथी पुण्यतिथि पर जामताड़ा जिला क्रिकेट संघ एवं क्रिकेट खिलाड़ियों की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी.
जामताड़ा जिला क्रिकेट संघ के सचिव युगेश कुमार सिंह ने स्व. अमिताभ चौधरी के व्यक्तित्व और झारखंड क्रिकेट में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वे सही मायने में एक महान व्यक्तित्व थे. उनकी सोच और काम करने का तरीका बिल्कुल अनूठा था. उनका दृढ़ निश्चय ऐसा था कि वे असंभव कार्य को भी संभव बना देते थे.
आईपीएस की नौकरी छोड़ झारखंड क्रिकेट को दिया जीवन
उन्होंने बताया कि अमिताभ चौधरी ने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने के बाद यूपीएससी परीक्षा में टॉप रैंक हासिल कर आईपीएस अधिकारी बने. क्रिकेट के प्रति उनका लगाव इतना गहरा था कि उन्होंने आईपीएस की नौकरी छोड़कर झारखंड क्रिकेट के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. जेएससीए स्टेडियम का निर्माण भी उनके क्रिकेट के प्रति समर्पण और दूरदर्शिता का परिणाम है.
झारखंड क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर दिलायी पहचान
युगेश कुमार सिंह ने कहा कि अमिताभ चौधरी ने झारखंड क्रिकेट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. उन्होंने कहा, "मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उनके साथ काम करने का अवसर मिला. झारखंड क्रिकेट को हम जितनी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी."
मौके पर संघ के कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार झा, उपाध्यक्ष कुणाल सिंह, विकास कुमार शर्मा, परितोष मिश्रा, नजीर अहमद समेत बड़ी संख्या में क्रिकेट खिलाड़ी मौजूद थे.
