पसीना बहाया, बेटे को दिलायी नेवी में नौकरी

नगर प्रतिनिधि, जामताड़ादिन रात कड़ी मेहनत मजदूरी कर नारायण पाल ने सफलता की ऐसी मुकाम हासिल की कि वह समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया. उन्होंने अपने बेटे को अच्छी शिक्षा दीक्षा दी और इंडियन नेवी में नौकरी दिलायी. अभी उनका बेटा बाबू पाल मुंबई इएमपी 05 में कार्यरत है. नारायण पाल जामताड़ा […]

नगर प्रतिनिधि, जामताड़ादिन रात कड़ी मेहनत मजदूरी कर नारायण पाल ने सफलता की ऐसी मुकाम हासिल की कि वह समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया. उन्होंने अपने बेटे को अच्छी शिक्षा दीक्षा दी और इंडियन नेवी में नौकरी दिलायी. अभी उनका बेटा बाबू पाल मुंबई इएमपी 05 में कार्यरत है. नारायण पाल जामताड़ा प्रखंड के बेवा गांव का रहने वाला है. सुबह छह बजे जामताड़ा बस स्टेंड पहुंच जाते हैं और दिन भर मजदूरी कर शाम में आठ में घर जाते हैं. दिन भर की जो कमाई होती है उससे घर के सदस्यों का पेट भरते और बेटे की पढ़ाई के लिए एक निर्धारित राशि जमा करते. उनकी यह आदत उस समय रंग लाई जब बेटे ने नौकरी ले ली. आज बाबू अपने पिता पर गर्व करता है. नारायण कहते हैं वह पसीना बहाता रहा लेकिन लक्ष्य एक था बेटे को नौकरी दिलाना और उसने दिला दी. उसका एक मकसद पूरा हो गया. लेकिन मजदूरी करनी नहीं छोड़ी आज भी वह पहले की तरह रोज जामताड़ा आता है और मजदूरी कर चला जाता है. बाबू की पढ़ाई जामताड़ा जेबीसी से हुई. इतना ही नहीं नारायण पाल का दूसरा बेटा अभी पढ़ रहा है. उसे भी अफसर बनाने का लक्ष्य नारायण ने पाला है, कहते हैं उसे भी परा कर ही दम लेंगे.————————————-फोटो : 30 जाम 12 नारायण पाल, 13 बाबु पाल

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