एआई एक्सपो में जमशेदपुर के एक्चुअलिटी ने दिखाया दम, झारखंड बना ईस्टर्न गेटवे

AI Imapct Expo: झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर के स्टार्टअप ‘एक्चुअलिटी’ ने एआई इम्पैक्ट एक्सपो में अपनी प्राइवेसी-फर्स्ट तकनीक से सबका ध्यान खींचा. बिना इंटरनेट 60 सेकंड में डेटा प्रोसेसिंग और लोकल सर्वर आधारित सुरक्षा इसकी खासियत है. किफायती स्वदेशी एआई मॉडल झारखंड को ईस्टर्न गेटवे के रूप में स्थापित कर रहा है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

जमशेदपुर से संदीप सवर्ण की रिपोर्ट

AI Imapct Expo: झारखंड के जमशेदपुर के स्टार्टअप ‘एक्चुअलिटी’ ने एआई इम्पैक्ट एक्सपो में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई. ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ थीम पर आधारित इस सम्मेलन में कंपनी ने अपने स्वदेशी एआई मॉडल के जरिए डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी की नई परिभाषा पेश की. पहले ही दिन इस स्टार्टअप ने देश-विदेश के विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया. इस एक्सपो में झारखंड ईस्टर्न गेटवे बना.

‘प्राइवेसी-फर्स्ट’ तकनीक से बढ़ी पहचान

एक्चुअलिटी का एआई मॉडल ‘प्राइवेसी-फर्स्ट’ सिद्धांत पर आधारित है. इसका मतलब है कि उपयोगकर्ता का डेटा सुरक्षित रहते हुए प्रोसेस होता है और बाहरी क्लाउड पर निर्भरता नहीं रहती. इस विशेषता ने विदेशी विशेषज्ञों और निवेशकों को खासा प्रभावित किया. इंग्लैंड के एक निवेशक ने इस मॉडल में गहरी रुचि दिखाई और इसे भविष्य की सुरक्षित तकनीक बताया.

नवाचार में झारखंड को नई पहचान

इस स्टार्टअप की सफलता ने झारखंड को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाई है. पूर्वी भारत में उभरते टेक हब के रूप में राज्य की छवि मजबूत हुई है. स्वास्थ्य, शिक्षा और रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए यह एआई मॉडल खास तौर पर उपयोगी बताया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भारत के लिए एक सुरक्षित और स्वदेशी विकल्प के रूप में उभर सकता है.

बिना इंटरनेट के 60 सेकंड में प्रोसेसिंग

इस एआई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना इंटरनेट के मात्र 60 सेकंड में भारी डेटा प्रोसेस कर सकती है. एक्सपो में इसका लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को प्रभावित किया. इंटरनेट पर निर्भरता खत्म होने से साइबर हमलों और डेटा चोरी का खतरा काफी कम हो जाता है.

डेटा संप्रभुता पर विशेष जोर

एक्चुअलिटी का मॉडल डेटा संप्रभुता को प्राथमिकता देता है. डेटा क्लाउड पर अपलोड होने के बजाय लोकल सर्वर पर सुरक्षित रहता है. इससे संवेदनशील जानकारी के लीक होने का खतरा लगभग शून्य हो जाता है. वर्तमान समय में जब डेटा सुरक्षा एक वैश्विक चिंता का विषय है, ऐसे में यह तकनीक भरोसेमंद समाधान के रूप में सामने आई है.

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लागत में किफायती भारतीय समाधान

लगभग 50 लाख रुपये की लागत से तैयार यह मॉडल विदेशी एआई सब्सक्रिप्शन की बढ़ती लागत का एक मजबूत और किफायती भारतीय विकल्प है. जहां कई अंतरराष्ट्रीय एआई सेवाएं महंगी और डेटा सुरक्षा को लेकर सवालों में रहती हैं, वहीं यह स्वदेशी मॉडल सुरक्षित और सस्ता विकल्प प्रदान करता है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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