पटमदा में गरजे पूर्व सीएम, कहा- ग्रामसभा का अधिकार छीन सरकार ने की वादाखिलाफी
Jamshedpur News :
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने झारखंड सरकार द्वारा लागू पेसा नियमावली को आदिवासियों के साथ बड़ा धोखा करार दिया है. रविवार को पटमदा के बनातोड़िया (फातेबांध) में आयोजित जनसभा में चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. चंपाई ने कहा कि जिस पेसा कानून का समाज को बेसब्री से इंतजार था, उसकी नियमावली ने ग्राम सभाओं के संवैधानिक अधिकारों को ही खत्म कर दिया है. कहा कि उनके कार्यकाल में बनी नियमावली में सीएनटी-एसपीटी एक्ट के उल्लंघन पर जमीन वापस कराने का अधिकार ग्राम सभा को दिया गया था. शिड्यूल एरिया में जमीन हस्तांतरण से पहले उपायुक्त को ग्राम सभा से अनुमति लेना अनिवार्य था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे हटा दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पेसा की मूल भावना आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को संरक्षण देना है, लेकिन सरकार ने राज्यपाल की शक्तियों को कम कर सारे अधिकार उपायुक्त को सौंप दिये हैं, ताकि व्यवस्था पर सरकारी नियंत्रण बना रहे. उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासी समाज पहले से ही बांग्लादेशी घुसपैठ और धर्मांतरण की मार झेल रहा है, अब इस कमजोर पेसा नियमावली के जरिये आदिवासियों को जड़ से खत्म करने की तैयारी है. जो सरकार खुद सीएनटी एक्ट उल्लंघन के घेरे में हो, उससे समाज के सशक्तिकरण की उम्मीद नहीं की जा सकती. सभा में बड़ी संख्या में पारंपरिक ग्राम प्रधान, मांझी बाबा, परगना बाबा और ग्रामीण उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
