हजारीबाग. आदिवासी छात्र संघ की बैठक रविवार को आदिवासी छात्रावास परिसर में सुशील उरांव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड को लागू करने की मांग पर विचार विर्मश किया गया. वक्ताओं ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते हैं. लेकिन अलग धर्म कोड नहीं होने के कारण उनकी वास्तविक धार्मिक पहचान दर्ज नहीं हो पाती है. आदिवासी समुदाय की जनसंख्या के सही आंकड़े सामने नहीं आ पाते हैं. जिसका प्रभाव आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर भी पड़ता है.सदस्यों ने आदिवासी छात्रावास की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की. साथ ही विनोबा भावे विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई अविलंब शुरू करने की मांग भी की गयी. 28 जून को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया. मौके पर सुनील मुंडा, परमेश्वर उरांव, सतीश कुंभगत, सुरेश हांसदा, ललिता सोरेन, प्रदीप बेदिया, वीरेंद्र तिर्की समेत कई लोग उपस्थित थे. संचालन विजय बेदिया ने किया.
सरना धर्म कोड लागू करने की मांग, 28 जून को दिल्ली में प्रदर्शन का निर्णय

सरना धर्म कोड लागू करने की मांग, 28 जून को दिल्ली में प्रदर्शन का निर्णय
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सरना धर्म कोड लागू करने की मांग, 28 जून को दिल्ली में प्रदर्शन का निर्णय