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कोडरमा में संजय सिंह की हत्या के बाद आक्रोश, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

लोग आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी व फांसी देने, जाम स्थल पर एसपी को बुलाने, तिलैया थाना प्रभारी विनोद कुमार को निलंबित करने सहित अन्य मांग कर रहे थे.

झुमरीतिलैया: कोडरमा के गांधी स्कूल रोड स्थित मास्टर मोहल्ला में मात्र ढाई फीट के रास्ता विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना में घायल संजय सिंह (पिता गीता प्रसाद सिंह) की इलाज के क्रम में रिम्स रांची में हुई मौत के बाद शव गुरुवार को तिलैया लाया गया. शव पहुंचते ही परिजनों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने शव के साथ तिलैया थाना के सामने रांची-पटना रोड जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी. दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ सड़क जाम व प्रदर्शन रात तक जारी था.

लोग आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी व फांसी देने, जाम स्थल पर एसपी को बुलाने, तिलैया थाना प्रभारी विनोद कुमार को निलंबित करने सहित अन्य मांग कर रहे थे. लोगों का गुस्सा तिलैया पुलिस के खिलाफ ज्यादा दिखा़ लोगों का आरोप था कि पुलिस के संरक्षण के कारण आरोपी फरार हो गये और पुलिस अभी भी आरोपी पक्ष को सपोर्ट कर रही है़ रात जाम स्थल पर एसडीओ संदीप कुमार मीना, थाना प्रभारी विनोद कुमार व पुलिस बल लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे. पर जाम नहीं हटाया जा सका था.

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जानकारी के अनुसार, गत 15 दिसंबर की रात्रि में मास्टर मोहल्ला में रास्ता विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी़ घटना के बाद दोनों पक्षों ने मामला दर्ज कराया था़ प्रथम प्राथमिकी में संगीता सिंह ने प्रेम कपूर, राज कपूर (दोनों के पिता कैलाश प्रसाद यादव) व सोनू कुमार को अभियुक्त बनाया था़ प्रथम पक्ष के संजय सिंह की इलाज के दौरान बुधवार को रिम्स में मौत हो गयी. इसके बाद से इस मामले को लेकर गुस्सा दिख रहा था़ गुरुवार को जैसे ही शव तिलैया पहुंचा, लोग शव के साथ थाना के सामने सड़क जाम कर आराेपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. जाम स्थल पर पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे.

थाना प्रभारी व एएसआई पर गंभीर आरोप

जाम स्थल पर महिलाएं थाना प्रभारी व पुलिस के खिलाफ जम कर नारेबाजी कर रही थीं. इनका आरोप था कि पुलिस ने आरोपी पक्ष को संरक्षण दिया़ आरोपियों के पिता बिहार पुलिस में दारोगा से रिटायर्ड हुए हैं, इसलिए पुलिस उस पक्ष को मदद कर रही है़ घटना के दिन घायल संजय सिंह का समय से इलाज कराने के बजाय काफी देर तक थाना में बैठा कर रखा गया़ यही नहीं, आरोपियों के पिता को पूछताछ के लिए थाना लाने के बाद कुछ देर में छोड़ दिया गया़ मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि थाना में पदस्थापित एएसआई रंजीत झा ने एक लाख रुपये रिश्वत लेकर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया़ यही नहीं, जब आरोपियों को पुलिस को पकड़ना चाहिए, तो दो दिन पूर्व आरोपी के घर में रखे पशुओं को एक वाहन में लोड कर अन्यत्र भेजा गया़ लोग थाना प्रभारी को निलंबित करने, आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे

चार वर्ष पूर्व दी थी बर्बाद करने की धमकी

मृतक के छोटे भाई की पत्नी उषा सिंह ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर चार वर्ष पूर्व आरोपियों द्वारा परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी गयी थी़ इस धमकी के पांच दिन बाद ही मारपीट़ हुई थी़ उस समय संजय सिंह के एक भाई अजय सिंह घायल होकर कोमा में चले गये थे. कुछ दिन में ठीक होकर वह घर लौटे, पर कुछ कुछ माह बाद उनकी मौत हो गयी. अब आरोपियों ने परिवार के दूसरे भाई की भी जान ले ली़ संजय सिंह के पिता गीता सिंह की भी दो माह पूर्व मौत हो चुकी ह़ै परिवार में अब एक भाई अमोल सिंह बचा है.

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