हजारीबाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को राहत, बकाया वेतन भुगतान के साथ मिला अनुबंध विस्तार

Hazaribagh News: हजारीबाग में जेएपी-आईटी के अधीन कार्यरत करीब 500 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. विभाग ने लंबित वेतन के भुगतान के साथ 31 जुलाई 2026 तक अनुबंध विस्तार दिया है. तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने से कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे थे. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में जैप-आईटी (झारखंड एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के अधीन कार्यरत करीब 500 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. विभाग की ओर से लंबित वेतन के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही कर्मचारियों के अनुबंध की अवधि भी बढ़ा दी गई है. लगातार तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे थे.

31 जुलाई 2026 तक बढ़ाया गया अनुबंध

विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, जेएपी-आईटी के माध्यम से विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को 31 जुलाई 2026 तक अनुबंध विस्तार दिया गया है. अनुबंध बढ़ने से कर्मचारियों के बीच नौकरी को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर हो गई है. हजारीबाग जिले में ऐसे आउटसोर्सिंग कर्मियों की संख्या 500 से अधिक है, जबकि पूरे झारखंड में इनकी संख्या सात हजार से ज्यादा बताई जाती है. विभाग के इस फैसले से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिली है.

मार्च 2026 से लंबित था मानदेय

जेएपी-आईटी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को मार्च 2026 से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ था. लगातार वेतन नहीं मिलने से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया था. कर्मचारियों का कहना है कि नियमित रूप से अपनी सेवाएं देने के बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा था, जिससे घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया था. सरकारी व्यवस्था में काम तो समय पर चाहिए, लेकिन भुगतान की फाइलें अक्सर ऐसी गति से चलती हैं मानो उन्हें भी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का इंतजार हो. आखिरकार लंबे इंतजार के बाद कर्मचारियों को राहत मिली है.

कई श्रेणियों के कर्मचारी हैं प्रभावित

जेएपी-आईटी के माध्यम से विभिन्न विभागों में कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, मेडिकल स्टाफ और अन्य श्रेणियों के कर्मचारी कार्यरत हैं. ये कर्मचारी सरकारी कार्यालयों में नियमित रूप से अपनी सेवाएं देते हैं और विभिन्न योजनाओं व प्रशासनिक कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

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कर्मचारियों ने जताई राहत

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि अनुबंध विस्तार और बकाया वेतन के भुगतान से उन्हें बड़ी राहत मिली है. लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो गई थी. अब भुगतान शुरू होने और सेवा अवधि बढ़ने से कर्मचारियों में राहत और संतोष का माहौल है. साथ ही उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में मानदेय भुगतान की प्रक्रिया नियमित और समयबद्ध होगी.

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लेखक के बारे में

By Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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