केरेडारी, हजारीबाग : झारखंड आंदोलनकारियों के बाल-बच्चों के रोजगार में अधिकार, किसानों के विस्थापन और कृषि विभाग में टपक योजना के नाम पर कथित भ्रष्टाचार के विरोध में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा केरेडारी प्रखंड कमेटी की बैठक पंचायत भवन में हुई. अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सह मुखिया गोविंद माली ने की.
बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान, अलग पहचान और उनके बाल-बच्चों के रोजगार की 100 प्रतिशत गारंटी देने की मांग की गयी. साथ ही जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को 50-50 हजार रुपये सम्मान राशि देने की मांग को लेकर 30 सितंबर 2026 को झारखंड बंद करने का निर्णय लिया गया.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनशन की चेतावनी
मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की हकमारी और किसानों का विस्थापन बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि हजारीबाग जिले में कृषि के क्षेत्र में भ्रष्टाचार है. 30 सितंबर का बंद आंदोलनकारियों, मजदूरों, किसानों और विस्थापित परिवारों को एकजुट कर अपने अधिकारों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार को चेतावनी देने का काम करेगा.
उन्होंने कहा कि मांगों पर सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की, तो 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अनिश्चितकालीन अनशन किया जायेगा.
कार्यकारी अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी और किसान जाति, पार्टी व धर्म की भावनाओं से ऊपर उठकर अपने अधिकारों की रक्षा की आवाज बनें. जिला संयोजक प्रकाश कुमार मेहता ने कहा कि आंदोलनकारियों ने लड़कर झारखंड लिया है और अब अधिकार भी लड़कर लेंगे.
नयी प्रखंड कमेटी का गठन
बैठक में बसंत यादव को प्रखंड महासचिव, बबलू अंसारी को सचिव और मोहन महतो को उप सचिव मनोनीत किया गया. प्रखंड अध्यक्ष गोविंद माली ने माला पहनाकर तीनों को सम्मानित किया.
मौके पर मुस्तकीम अंसारी, जगदीश महतो, शंभू गुप्ता, कृष्णा महतो, तीरथ साहू, फागु सोनी, सुदेश साहू, परमेश्वर माली, नारायण माली, बिट्टू माली, सुखदेव साहू, रामेश्वर उरांव, भुवनेश्वर साव, लालो साव, नारायण महतो, कोलेश्वर मिश्रा, नारायण सिंह, चिंतामणि महतो, अनिल महतो और रामस्वरूप सिंह समेत अन्य मौजूद थे.
