केरेडारी: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केरेडारी की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सकों की लापरवाही के विरूद्ध मंगलवार को जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती से मुलाकात की. उन्हें ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा है कि जून, जुलाई और अगस्त माह में प्रसव के लिए केरेडारी सीएचसी पहुंची तीन महिलाओं के नवजात शिशुओं की मौत हुई है. वहीं एक गर्भवती महिला को गलत स्थान पर ऑपरेशन किया गया. स्थिति बिगड़ने पर परिजनों को महिला को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा था और दुबारा ऑपरेशन कराना पड़ा था.
इससे परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. प्रतिनिधिमंडल ने 16 अगस्त की सर्पदंश की घटना का भी हवाला दिया. आरोप है कि अलग-अलग गांवों से सर्पदंश के बाद एक बच्चे और एक महिला को रात में केरेडारी सीएचसी लाया गया था. लेकिन ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक समेत स्वास्थ्यकर्मियों ने समुचित उपचार नहीं किया. दोनों मरीजों को हजारीबाग रेफर किया गया, जहां पहुंचने के बाद उनकी मौत हो गई.
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने, सीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो पर ठोस कदम उठाने की मांग की.
मौके पर प्रमुख सुनीता देवी, जीप सदस्य अनिता सिंह, आजसू प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहा, समाजसेवी प्रीतम सिंह, प्रेमरंजन पासवान, शंकर साहा, अरुण यादव, अवधेश यादव समेत अन्य लोग मौजूद थे.
