हजारीबाग: केबी महिला महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्राओं ने शुक्रवार को हजारीबाग वन्यजीव अभ्यारण्य का शैक्षणिक भ्रमण किया. इसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया. भ्रमण के दौरान छात्राओं ने अभ्यारण्य क्षेत्र में मौजूद पेड़-पौधों, झाड़ियों, लताओं, घास और औषधीय वनस्पतियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया.
छात्राओं ने विभिन्न पौधों की पत्तियों, तनों, जड़ों और फलों की विशेषताओं का अध्ययन किया और फील्ड नोट्स तैयार किये. इस दौरान कवक की कई प्रजातियों के नमूने भी एकत्र किये गये. छात्राओं को पौधों की पहचान, नमूना संग्रह की वैज्ञानिक प्रक्रिया, वर्गीकरण और जैव विविधता संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी.
प्राकृतिक प्रयोगशाला का लाभ उठायें छात्राएं
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मुकुल कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रकृति और पर्यावरण का प्रत्यक्ष अध्ययन कराना भी जरूरी है. ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, निरीक्षण क्षमता और जिज्ञासा विकसित होती है. साथ ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है.
उन्होंने कहा कि हजारीबाग वन्यजीव अभ्यारण्य समृद्ध जैव विविधता वाला क्षेत्र है, जो वनस्पति विज्ञान की छात्राओं के लिए किसी प्राकृतिक प्रयोगशाला से कम नहीं है. छात्राओं को ऐसे अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए.
कक्षा के ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ता है फील्ड विजिट
विभागाध्यक्ष डॉ संगीता होरो ने कहा कि फील्ड विजिट कक्षा में पढ़ाये गये विषयों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का बेहतर माध्यम है. उन्होंने छात्राओं से जैव विविधता की रक्षा करने और पौधरोपण को बढ़ावा देने की अपील की.
डीएफओ सूरज कुमार की अनुमति और वन आरक्षी मुकेश कुमार के सहयोग से शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. क्रीड़ा शिक्षक शिवशाल कुमार, लैब अटेंडेंट करण कुमार और लैब तकनीशियन कुमारी रीतू बिरुआ भी छात्राओं के मार्गदर्शक के रूप में शामिल रहे.
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया. उन्होंने प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और जैव विविधता की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने की बात कही.
