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हजारीबाग में ऑन द स्पॉट मिलना था ड्राइविंग लाइसेंस, 8 महीने बाद भी वन मिलियन बेकर्स अभियान की नहीं हुई शुरुआत

हजारीबाग में ऑन द स्पॉट ड्राइविंग लाइसेंस देने की व्यवस्था अधर में लटक गयी है. 8 महीने बाद भी वन मिलियन बेकर्स अभियान की शुरुआत नहीं हुई है. इसकी शुरुआत नहीं होने से युवा वर्गों में काफी नाराजगी देखी जा रही है.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
परिवहन विभाग की ओर से हजारीबाग में ऑन द स्पॉट ड्राइविंग लाइसेंस योजना हुई फेल.
परिवहन विभाग की ओर से हजारीबाग में ऑन द स्पॉट ड्राइविंग लाइसेंस योजना हुई फेल.
फाइल फोटो.

Jharkhand News (आरिफ, हजारीबाग) : झारखंड के हजारीबाग में 8 महीने बाद भी वन मिलियन बेकर्स अभियान की शुरुआत नहीं होने से बड़ी संख्या में युवा नाराज हैं. परिवहन विभाग की ओर से मार्च 2021 में दो पहिया वाहन चालकों को ऑन द स्पॉट ड्राइविंग लाइसेंस देने कि घोषणा के बाद हजारीबाग DTO ने बड़कागांव, बरही, मांडू, सदर एवं बरकट्ठा के प्रत्येक विधानसभा में कैंप लगाने के साथ कर्मियों की नियुक्ति की थी. इस संबंध में DTO ने पत्र जारी कर सभी BDO को सहयोग करने के लिए कहा था. लाइसेंस पाने के लिए युवा उत्साहित थे. इधर, 8 महीने इंतजार के बाद भी वन मिलियन बेकर्स अभियान की शुरुआत नहीं होने पर बड़ी संख्या में नाराज युवा विभाग एवं सरकार को कोसने में जुटे हैं.

क्या है मामला

झारखंड राज्य परिवहन विभाग के निर्देश पर हजारीबाग DTO ने पांचों विधानसभा में कैंप लगाकर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए कर्मियों की नियुक्ति करते हुए टेस्टिंग लोकेशन बनाया था. बरही विधानसभा में बरही प्रखंड परिसर को टेस्टिंग लोकेशन बनाया गया था. इसमें सप्ताह के प्रत्येक सोमवार को कैंप लगना था. कैंप में चौपारण, बरही एवं पदमा प्रखंड को जोड़ा गया था.

वहीं, सदर विधानसभा के लिए आरक्षी स्कूल मैदान पुलिस केंद्र टेस्टिंग लोकेशन बनाया गया था. इसमें सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को कैंप लगना था. कैंप से नगर पालिका क्षेत्र, सदर, कटकमदाग एवं कटकमसांडी प्रखंड को जोड़ा गया था. इसके अलावा मांडू विधानसभा के लिए प्रखंड परिसर टाटीझरिया को टेस्टिंग लोकेशन बनाया गया था. प्रत्येक सप्ताह के बुधवार को कैंप लगना था. इसमें चूरचू, विष्णुगढ़, टाटीझरिया एवं दारू प्रखंड को जोड़ा गया था.

बरकट्ठा विधानसभा के लिए प्रखंड परिसर बरकट्ठा को टेस्टिंग लोकेशन बनाया गया था. इसमें प्रत्येक सप्ताह के गुरुवार को कैंप लगना था. कैंप से चलकुशा, बरकट्ठा एवं इचाक प्रखंड को जोड़ा गया था. बड़कागांव विधानसभा के लिए प्रखंड परिसर बड़कागांव को टेस्टिंग लोकेशन बनाया गया. प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार को कैंप लगना था. इसमें बड़कागांव, डाड़ी एवं केरेडारी प्रखंड को जोड़ा गया था.

सभी कैंप के सफल संचालन को लेकर डाटा इंट्री के लिए ऑपरेटर शशि कुमार और इसके सहयोग के लिए अरविंद कुमार तिवारी को प्रतिनियुक्त किया गया था. एलएल टेस्ट अभ्यर्थियों का लर्निंग लाइसेंस निर्गत करने के लिए रोजमाटा कंपनी के दीपक कुमार को चयनित किया गया था. DTO ने सभी BDO से कैंप कर्मियों को हर संभव मदद करने के लिए उन्हें पत्र दिया था.

एक महीने में ड्राइविंग लाइसेंस

इस योजना के अनुसार विधानसभा वार कैंप में कागजात जमा होते ही आवेदकों से निर्धारित फीस लेने के तुरंत बाद टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना था. आसान प्रक्रिया से आवेदकों को लर्निंग लाइसेंस मिलना था. लर्निंग के एक महीने बाद मोटरयान निरीक्षक द्वारा कैंप स्थल पर ही आवेदकों से दो पहिया वाहन का टेस्ट लेने के साथ उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना था.

युवाओं के साथ किया खिलवाड़

हजारीबाग शहर स्थित मटवारी के रहने वाले 22 वर्षीय युवा संदीप कुमार ने कहा कि वन मिलियन बैकर्स अभियान की घोषणा के बाद इसे वापस लेकर विभाग एवं सरकार ने बड़ी संख्या में युवाओं को छलने का काम किया है. संदीप ने कहा कि युवा दो कारणों से दो पहिया वाहन का इस्तेमाल करते हैं. पहला अधिकांश युवाओं में उन्हें बाइक चलाना शौक होता है. दूसरा स्कूल, कॉलेज या अपने काम का निपटारा करने के लिए बाइक का इस्तेमाल करते हैं. ड्राइविंग लाइसेंस नहीं रहने से युवाओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इधर, घोषणा कर सरकार ने युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं देकर उनके साथ खिलवाड़ किया है.

अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम हुआ स्थगित : DTO

इस संबंध में हजारीबाग DTO विजय कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत मार्च 2021 में विभाग द्वारा घोषित वन मिलियन बेकर्स अभियान योजना शुरू करने को लेकर हजारीबाग में तैयारी की गयी थी. इसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया गया है.

डिजिटल लॉकर में DL एवं RC सुरक्षित: MVI

केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए देशभर के करोड़ों वाहन चालकों को राहत दी है. दरअसल सरकार के फैसले के बाद अब दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) एवं गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) वाहन चलाते समय अपने साथ रखने की जरूरत नहीं है. अब दोनों पेपर सुरक्षा की लिहाज से ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग की डिजी लॉकर या एम परिवहन मोबाइल ऐप में रखकर जरूरत पड़ने पर कहीं भी डिजिटली डॉक्यूमेंट्स को दिखाया जा सकता हैं. इस पर बात करते हुए हजारीबाग मोटरयान निरीक्षक रजनीकांत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने भी यह सुविधा आमलोगों के लिए लागू की है. डिजिटल लॉकर में DL एवं RC सुरक्षित है.

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