हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) संतोष कुमार चौधरी ने लोगों से निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे ओवरस्पीड एक प्रमुख कारण है और यदि चालक यातायात नियमों का पालन करें, तो दुर्घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है.
उपायुक्त के निर्देश पर ब्लैक स्पॉट की हो रही पहचान
डीटीओ ने बताया कि उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश के बाद जिले के संभावित दुर्घटना क्षेत्रों, जोन और ब्लैक स्पॉट की पहचान की जा रही है. इन स्थानों को सूचीबद्ध कर सड़क सुरक्षा के विभिन्न उपायों पर काम शुरू कर दिया गया है. प्रशासन का उद्देश्य दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक संरचनात्मक और जागरूकता संबंधी कदम उठाकर सड़क हादसों को कम करना है.
सड़क सुरक्षा टीम ने किया निरीक्षण
इसी कड़ी में मंगलवार को सड़क सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने कई ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) तथा सड़क सुरक्षा समिति से जुड़े अन्य सदस्य मौजूद रहे. अधिकारियों ने विभिन्न स्थलों का जायजा लेकर वहां होने वाली दुर्घटनाओं के कारणों का अध्ययन किया और आवश्यक सुरक्षा उपायों पर चर्चा की.
एनएचआई लगाएगा साइन बोर्ड और रंबल स्ट्रिप
डीटीओ संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) जिले के विभिन्न ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में जागरूकता से जुड़े साइन बोर्ड और रंबल स्ट्रिप लगाएगा. इन उपायों का उद्देश्य वाहन चालकों को सावधान करना और उनकी गति को नियंत्रित करना है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य कर रही हैं, ताकि दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके.
पेट्रोल पंप संचालकों को भी दिए गए निर्देश
प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को भी सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया है. डीटीओ ने बताया कि अपने-अपने क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंप संचालक सुरक्षा उपायों को लागू करने में सहयोग करेंगे और सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देंगे.
ओवरस्पीड बना चिंता का कारण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रांची-पटना रोड के मासीपीढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र का भी जायजा लिया. जांच के दौरान इन क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण ओवरस्पीड पाया गया. इसके बाद प्रशासन ने इन स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने का निर्णय लिया है.
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मोरंगी के पेट्रोल पंप संचालकों को विशेष निर्देश
डीटीओ ने बताया कि मोरंगी क्षेत्र के आसपास स्थित पेट्रोल पंप संचालकों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर से 24 घंटे एप्रोच रोड पर सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों का पालन सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों और निजी संस्थानों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.
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