चौपारण. प्रखंड के करमा गांव में भूदान यज्ञ समिति से प्राप्त भूमि को लेकर मंगलवार को विवाद सामने आया. जमीन पर कथित कब्जे के मामले में पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए जमीन मामले में कार्रवाई की मांग की.
पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला और ग्रामीणों ने विवादित जमीन से संबंधित ज्ञापन सीओ संजय यादव को सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की गयी. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि 10 दिनों के अंदर मामले में सुनवाई नहीं हुई, तो प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर का दोबारा घेराव किया जायेगा और अनशन शुरू किया जायेगा.
1955 में भूदान समिति से जमीन मिलने का दावा
ज्ञापन में करमा निवासी संतोष भुइयां ने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय काली भुइयां को वर्ष 1955 में भूदान यज्ञ समिति की ओर से जमीन मिली थी. बाद में जमीन के कागजात और स्थल की जानकारी लेने पर कथित रूप से उक्त जमीन पर अन्य लोगों का कब्जा पाया गया. ग्रामीणों के अनुसार, जमीन पर सात लोग घर बनाकर रह रहे हैं.
मौके पर रेवाली पासवान, अभिमन्यु प्रसाद भगत, विकास गुप्ता, रामफल सिंह, लव सिंह, दिगंबर भुइयां, प्रह्लाद सिंह, टुन्नू वर्णवाल, मनोज सिंह, उमेश सिंह, वसीम खान, पूर्व मुखिया शौकत खान, शकील खान समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.
