हजारीबाग.नगर निगम क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे के बने बहुमंजिला भवनों और आवासीय मकानों के व्यावसायिक उपयोग की अब जांच होगी. नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता के निर्देश पर निगम ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. सभी कनीय अभियंताओं को एक सप्ताह में 15 बहुमंजिला भवनों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
प्राथमिकता के आधार पर आवासीय और व्यावसायिक बहुमंजिला भवनों की जांच की जा रही है. नगर आयुक्त ने कहा कि बिना नक्शा स्वीकृत कराये भवन निर्माण और आवासीय भवन के व्यावसायिक उपयोग पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. जांच में भवन निर्माण से लेकर वर्तमान उपयोग तक की स्थिति की पड़ताल होगी.
इन बिंदुओं की होगी जांच
निगम की टीम भवन का स्वीकृत नक्शा, उसके अनुरूप निर्मित क्षेत्रफल, फायर एनओसी, पानी की टंकी, वाटर हार्वेस्टिंग, भवन का स्ट्रक्चर, पार्किंग की उपलब्धता और भवन की क्षमता की जांच करेगी. बेसमेंट के उपयोग, आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधि और बिना नक्शा स्वीकृति के किये गये निर्माण को भी जांच में शामिल किया गया है.
पार्किंग के लिए बने बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधि का आरोप
नगर निगम क्षेत्र में कई बहुमंजिला भवनों में बिल्डिंग बायलॉज का पालन नहीं होने की शिकायत है. शहर के कई बड़े होटल, मॉल और अस्पतालों में पार्किंग के लिए बने बेसमेंट का उपयोग गोदाम, बैंक्वेट हॉल और मरीजों की जांच समेत अन्य गतिविधियों के लिए किये जाने की बात सामने आयी है.
कई भवनों का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं होने की भी शिकायत है. बड़े प्रतिष्ठानों में पर्याप्त पार्किंग नहीं होने से ग्राहकों के वाहन मुख्य सड़कों पर खड़े हो जाते हैं, जिससे व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है. निगम की जांच के बाद भवनों की वास्तविक स्थिति सामने आने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की उम्मीद है.
