चुरचू से आनंद सोरेन की रिपोर्ट
चुरचू: भुइयां जाति की जमीनों के कथित अवैध हस्तांतरण और सरकारी योजनाओं में भेदभाव के विरोध में भुइयां समाज के लोगों ने मंगलवार को चुरचू प्रखंड मुख्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. समाज के लोगों ने अंचल के पदाधिकारियों पर भुइयां जाति के लोगों के साथ विभिन्न मामलों में भेदभाव करने का आरोप लगाया.
भुइयां समाज के प्रखंड अध्यक्ष बिनोद राम ने कहा कि चुरचू अंचल क्षेत्र में भुइयां जाति के लोगों को विभिन्न मामलों में परेशान किया जा रहा है. उनकी जमीनों के कथित तौर पर अवैध हस्तांतरण के साथ-साथ सरकारी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में भी भेदभाव किया जा रहा है.
दिनेश भुइयां ने कहा कि जब तक समाज की मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. धरना-प्रदर्शन के बाद समाज के लोगों ने प्रखंड कार्यालय और उपायुक्त कार्यालय में 22 सूत्री मांग पत्र सौंपा.
रैयतों की खतियानी जमीन पर अवैध रसीद निर्गत करने का आरोप
मांग पत्र में भुइयां जाति के रैयतों की खतियानी जमीन पर अन्य लोगों के नाम से कथित तौर पर अवैध रूप से रसीद निर्गत करने पर रोक लगाने की मांग की गयी है. समाज के लोगों ने ग्राम जरवा के खाता संख्या 86 के प्लॉट संख्या 17, 18, 234 समेत अन्य जमीन, जिसका रकबा 0.12 एकड़ बताया गया है, पर कुंजल साव वगैरह के नाम से सीएनटी के बावजूद काटी गयी रसीद को तत्काल निरस्त करने की मांग की.
वहीं, ग्राम हरहद के खाता संख्या 49 के प्लॉट संख्या 863, 864 और 883, कुल रकबा 0.62 एकड़ जमीन पर अंचल की कथित मिलीभगत से मकबूल अंसारी वगैरह द्वारा जबरन कब्जा किये जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गयी.
जाति और आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की मांग
समाज ने भुइयां जाति के बच्चों और रैयतों को तत्काल जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की. गरीब परिवारों और कच्चे मकान में रहने वाले लोगों को अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता देने की भी मांग की गयी.
इसके अलावा भुइयां समाज के वृद्ध और विधवा महिलाओं को पेंशन योजनाओं से जोड़ने, जमीन संबंधी मामलों में निष्पक्ष जांच करने समेत अन्य मांगें भी रखी गयीं.
धरना-प्रदर्शन में राजू राम, महेंद्र राम, सुधीर राम, अनिल राम, कपिल भुइयां, प्रीति देवी, ललकू भुइयां, सुषमा देवी, कलेश्वर भुइयां, किरण देवी, काजल कुमारी, पनवा देवी, प्रदीप भुइयां, कृष्णा भुइयां, प्यारी मुर्मू, मीरा हेम्ब्रोम, मोतीलाल भुइयां, अर्पना कुमारी, संतोष भुइयां, चमेली देवी, राजीव राम, गुड़िया देवी, काजल देवी, प्रभु भुइयां, अंजू मरांडी, विक्रम कुमार भुइयां, सुल्फी मरांडी, प्रमिला बेसरा, लक्ष्मी कुमारी, ललिता कुमारी, पार्वती देवी, गीता देवी, रेशमी देवी, अर्चना देवी, सुशीला देवी समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे.
