युवती को कमरे में ले गया और किया दुष्कर्म; 2015 के मामले में आरोपी को 15 साल की सजा

गुमला की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी सुरेश महली को दोषी करार देते हुए 15 साल की कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.

गुमला. कामडरा थाना क्षेत्र के दुष्कर्म के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी सुरेश महली को दोषी करार देते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने आरोपी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

2015 में दर्ज हुआ था मामला

मामला वर्ष 2015 का है. अभियोजन के अनुसार, कामडरा थाना क्षेत्र की एक महिला ने 12 जुलाई 2015 को पुलिस को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में बताया गया था कि वह अपने पति व अन्य लोगों के साथ रांची गयी थी. घर पर उसकी करीब 26 वर्षीया अविवाहित और मानसिक रूप से दिव्यांग बेटी तथा दो बच्चियां मौजूद थीं.

चहारदीवारी फांदकर घर में घुसा आरोपी

शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे आरोपी सुरेश महली चहारदीवारी फांदकर घर में घुसा और पीड़िता को जबरन कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद आरोपी चहारदीवारी फांद कर फरार हो गया.

दोनों बच्चियों ने भी बतायी घटना

शाम को परिजनों के घर लौटने पर पीड़िता ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी. घर में मौजूद दोनों बच्चियों ने भी आरोपी द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कर्म किये जाने की बात बतायी. इसके बाद पीड़िता की मां के आवेदन पर कामडरा थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी.

साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर दोषी करार

पुलिस ने अनुसंधान पूरा करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया. मामले की सुनवाई सत्र वाद संख्या 354/2015 के तहत हुई. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और 15 वर्ष के कठोर कारावास तथा 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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