गुमला में 50 हजार से अधिक बच्चों ने एक साथ 30 मिनट तक किया पठन

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर गुमला के विद्यालयों में रीड-ए-थोन का आयोजन हुआ, जिसमें 50 हजार से अधिक बच्चों ने सामूहिक पठन कर पठन कौशल को मजबूत किया.

गुमलाः पठन अभियान 2026 के तहत अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में रीड-ए-थोन (सामूहिक पठन कार्यक्रम) का आयोजन किया गया. सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक चले कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक बच्चों ने एक साथ 30 मिनट तक पुस्तक, कहानी, बाल साहित्य और अन्य पठन सामग्री का निर्बाध पठन किया.

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शिक्षकों और अधिकारियों ने भी लिया हिस्सा

कार्यक्रम में शिक्षकों और अन्य हितधारकों ने भी हिस्सा लिया. जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने मध्य विद्यालय टोटो पहुंचकर कार्यक्रम का अवलोकन किया. उन्होंने बच्चों से संवाद कर उन्हें नियमित रूप से पढ़ने के लिए प्रेरित किया. मौके पर जिला एफएलएन पीएमयू के सत्यजीत मंडल भी मौजूद थे. सभी प्रखंडों में बीपीओ, बीआरपी और सीआरपी ने विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों का अनुश्रवण किया.

बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना उद्देश्य

जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में नियमित पठन की आदत विकसित करना और पढ़ने के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है. इसके साथ ही बच्चों के पठन कौशल और समझने की क्षमता को मजबूत करना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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