Jharkhand News : जॉन्डिस भी हारा झारखंड की बेटी फ्लोरेंस की रफ्तार के आगे, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स क्वालीफाइंग प्रतियोगिता में जीता गोल्ड

Updated at : 10 Mar 2021 7:45 AM (IST)
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Jharkhand News : जॉन्डिस भी हारा झारखंड की बेटी फ्लोरेंस की रफ्तार के आगे, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स क्वालीफाइंग प्रतियोगिता में जीता गोल्ड

साथ ही ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स’ के लिए भी क्वालीफाई किया. इस साल अगस्त में यह प्रतियोगिता चीन में होगी, जिसमें फ्लोरेंस रांची विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेगी. गुमला के कामडारा प्रखंड के नवाडीह गांव की रहनेवाली फ्लोरेंस बारला रांची विवि से संबद्ध रामलखन सिंह यादव कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा है. इससे पहले भी उसने कजाकिस्तान में आयोजित यूरो एशिया कप में दो स्वर्ण पदक जीते थे. वहीं, वर्ष 2018 में रांची में आयोजित प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में गोल्ड जीत चुकी है.

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Jharkhand News, Gumla News, World university athletics 2021 रांची : ‘मंजिल तक पहुंचने का जज्बा और जुनून हो, तो शर्तिया हर मुश्किल आपके सामने घुटने टेक देगी’. गुमला की बेटी और जुनूनी एथलीट फ्लोरेंस बारला पर यह लाइन बिल्कुल सटीक बैठती है. जॉन्डिस (पीलिया) से पीड़ित होने के बावजूद इस खिलाड़ी ने मंगलवार को भुवनेश्वर में आयोजित क्वालीफाइंग प्रतियोगिता की 400 मीटर रेस 54.05 सेकेंड में पूरी की और स्वर्ण पदक जीता.

साथ ही ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स’ के लिए भी क्वालीफाई किया. इस साल अगस्त में यह प्रतियोगिता चीन में होगी, जिसमें फ्लोरेंस रांची विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेगी. गुमला के कामडारा प्रखंड के नवाडीह गांव की रहनेवाली फ्लोरेंस बारला रांची विवि से संबद्ध रामलखन सिंह यादव कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा है. इससे पहले भी उसने कजाकिस्तान में आयोजित यूरो एशिया कप में दो स्वर्ण पदक जीते थे. वहीं, वर्ष 2018 में रांची में आयोजित प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में गोल्ड जीत चुकी है.

फ्लोरेंस बारला का परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है. वह अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण भी बड़ी मुश्किल से कर पा रही है. प्रशिक्षण में फ्लोरेंस के कोच आशु भाटिया मदद करते हैं. फ्लोरेंस के पिता विलियम बारला का निधन हो चुका है. चार बेटियों और एक बेटे की परवरिश की जिम्मेदारी मां रजोला आइंद पर है.

बड़ा भाई मजदूरी करता है. चार बहनों में फ्लोरेंस दूसरे नंबर पर है. छोटी बहन आशा बारला भी नेशनल एथलीट है. फ्लोरेंस की मां दूसरे के खेत में धांगर का काम करती हैं. उससे जो पैसे मिलते हैं, उसी से घर चलता है. घर में शौचालय और बिजली नहीं है.

बरसात के दिनों में घर की छत से पानी टपकता है. राशन कार्ड में फ्लोरेंस का नाम तक नहीं चढ़ा है. परिवार के लोग कई बार जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उचित सरकारी मदद नहीं मिली है.

अगस्त में चीन में आयोजित होगा वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स

रांची विवि के रामलखन सिंह यादव कॉलेज की छात्रा है फ्लोरेंस

गुमला के कामडारा प्रखंड स्थित नवाडीह गांव में रहता है परिवार

मुझे पता नहीं है कि कामडारा में नेशनल एथलीट रहती हैं और उनके घर में समस्याएं हैं. मैं खुद जांच करा कर इस परिवार की समस्याएं दूर करने का प्रयास करूंगा.

– रवींद्र गुप्ता, प्रभारी बीडीओ, कामडारा

Posted By : Sameer Oraon

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