गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: झारखंड के गुमला से रोजी-रोटी के लिए हिमाचल प्रदेश गए एक युवक की घर लौटते समय रास्ते में रहस्यमय ढंग से मौत हो गई. घर आने की खबर सुनकर जिन बहनों की निगाहें अपने भाई के इंतजार में टिकी थीं. उन्हें अचानक अपने भाई की मौत की सूचना मिली. यह खबर सुनते ही पूरे परिवार के होश उड़ गए. युवक का शव उत्तर प्रदेश के आगरा के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मिला. मृतक की पहचान गुमला निवासी 35 वर्षीय बेनाम उरांव के रूप में हुई है.
मृतक की पहचान बेनाम उरांव के रूप में
बताया जा रहा है कि बेनाम उरांव रोजी-रोटी के लिए हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करता था. वह लंबे समय से वहां काम कर रहा था और समय-समय पर अपने घर भी आता-जाता रहता था. परिवार के मुताबिक, वह जनवरी महीने में ही अपने घर आया था और कुछ दिन परिजनों के साथ बिताने के बाद फिर से काम पर लौट गया.
घर आने की खुशी में बहन को किया था फोन
परिजनों ने बताया कि बीते शुक्रवार को बेनाम उरांव हिमाचल प्रदेश से अपने घर लौटने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था. घर आने की खुशी में उसने अपनी बहन सुचिता उरांव को फोन कर बताया था कि वह ट्रेन में बैठ चुका है और जल्द ही घर पहुंच जाएगा. उस समय सुचिता उरांव एक शादी समारोह में व्यस्त थी. इसलिए, दोनों के बीच ज्यादा देर तक बातचीत नहीं हो सकी. किसी को अंदाजा नहीं था कि भाई-बहन के बीच यह आखिरी बातचीत साबित होगी.
अचानक फोन कॉल से मिली मौत की खबर
रविवार की सुबह अचानक एक फोन कॉल ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी. सुचिता उरांव ने जब अपने भाई के मोबाइल पर फोन किया, तो फोन किसी दूसरे व्यक्ति ने कॉल उठाया. फोन उठाने वाले ने खुद को उत्तर प्रदेश के आगरा क्षेत्र की पुलिस बताया. पुलिस ने जानकारी दी कि बेनाम उरांव का शव आगरा के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मिला है. इस खबर को सुनते ही परिवार के लोग स्तब्ध रह गए और घर में मातम छा गया.
चलती ट्रेन से गिरने की जताई जा रही आशंका
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि बेनाम उरांव चलती ट्रेन से गिर गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि, मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी. पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
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शव को गुमला लाने की प्रक्रिया शुरू
घटना की जानकारी मिलने के बाद बेनाम उरांव की बहन सुचिता उरांव और अन्य परिजन गुमला थाना पहुंचे. उन्होंने प्रशासन से शव को गुमला लाने में मदद की गुहार लगाई. थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम अधीक्षक कार्यालय को इसकी सूचना दी. इसके बाद शव को गुमला लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. परिवार अब बेटे के शव के घर पहुंचने का इंतजार कर रहा है.
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