गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla Hyva Accident, गुमला : झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत सिसई प्रखंड क्षेत्र में शनिवार की सुबह-सुबह रफ्तार का कहर देखने को मिला. यहां अलग-अलग स्थानों पर महज दो घंटे के अंतराल में दो भारी हाइवा वाहन भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए. इन दोनों ही हादसों में दोनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. राहत की बात बस इतनी रही कि इन खतरनाक दुर्घटनाओं में दोनों वाहनों के चालक (ड्राइवर) और खलासी (उपचालक) की जान बाल-बाल बच गई. लगातार हुए इन हादसों के बाद इलाके में भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार को लेकर स्थानीय लोगों में डर और गहरा आक्रोश का माहौल है.
रात 3 बजे अनियंत्रित हाइवा ने देवी मंडप को मारा धक्का
मिली जानकारी के अनुसार, पहली भयावह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर स्थित रेड़वा गांव के समीप रात के करीब तीन बजे घटी. बताया जाता है कि एक तेज रफ्तार हाइवा रांची-गुमला मार्ग से गुजर रहा था, तभी अचानक चालक को नींद की जोरदार झपकी आ गई. रफ्तार इतनी तेज थी कि ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण पूरी तरह खो गया और हाइवा सड़क के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक देवी मंडप मंदिर से जाकर सीधे टकरा गया. टक्कर इतनी भीषण और जोरदार थी कि हाइवा का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और साथ ही साथ पूरा देवी मंडप मंदिर भी भरभराकर जमींदोज हो गया. इस हादसे के बाद हाइवा का ड्राइवर और खलासी गाड़ी के केबिन में ही बुरी तरह फंस गए. इस जोरदार धमाके की आवाज सुनकर रेड़वा गांव के स्थानीय ग्रामीण नींद से जागे और तुरंत मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे दोनों घायलों को बाहर निकाला. गनीमत रही कि दोनों को सिर्फ मामूली चोटें आई थीं. ग्रामीणों ने फौरन एंबुलेंस बुलाया और दोनों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया.
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मंदिर टूटने से भड़के ग्रामीण, पुलिस ने जब्त किया वाहन
सुबह होते ही जैसे ही ग्रामीणों ने देखा कि तेज रफ्तार हाइवा के कारण उनका पवित्र देवी मंडप पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने घटना स्थल पर हंगामा शुरू कर दिया. गांव वालों का साफ तौर पर कहना था कि जब तक दुर्घटनाग्रस्त वाहन का मालिक इस मंदिर के पुनर्निर्माण का पूरा खर्च वहन करने का लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक गाड़ी को यहां से टस से मस नहीं होने दिया जाएगा. ग्रामीणों ने गाड़ी को ले जाने से रोक दिया. माहौल बिगड़ता देख सिसई थाना पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और क्षतिग्रस्त हाइवा को जब्त कर अपने साथ थाने ले आई.
सिसई थाना के पास पानी टंकी की दीवार से टकराई गाड़ी
अभी पहली घटना की जांच चल ही रही थी कि शनिवार की सुबह करीब पांच बजे सिसई थाना गेट के बिल्कुल समीप दूसरा हाइवा हादसा हो गया. यहां भी एक तेज रफ्तार हाइवा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी पानी टंकी की बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) को तोड़ते हुए उससे जा टकराया. इस टक्कर में भी हाइवा का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. संयोग अच्छा था कि इस दूसरी दुर्घटना में भी चालक और खलासी पूरी तरह सुरक्षित बच गए. प्रखंड क्षेत्र में बैक-टू-बैक दो बड़े हाइवा हादसों के बाद स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि रात और सुबह के वक्त इन भारी वाहनों के चालक तय सीमा से कहीं अधिक स्पीड में गाड़ियां दौड़ाते हैं, जिससे राहगीरों की जान हमेशा खतरे में रहती है. लोगों ने सिसई क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और ओवरस्पीडिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है.
