वन विभाग से बचने के चक्कर में डैम में जा गिरा लकड़ी लदा ट्रक, चालाक फरार

ओडिशा से रांची जा रहा लकड़ी लदा ट्रक वन विभाग से बचने के दौरान बसिया के पोकटा डैम में जा गिरा. चालक फरार, वन विभाग ने ट्रक और लकड़ी को जब्त कर जांच शुरू की.

कमलेश साहू की रिपोर्ट

बसिया (गुमला): वन विभाग की टीम ने ओडिशा से बानो-बसिया के रास्ते रांची ले जाया जा रहा सखुआ के बोटों से लदा ट्रक जब्त किया है. कार्रवाई के दौरान चालक चलती ट्रक से कूदकर फरार हो गया. इसके बाद तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पोकटा डैम में जा गिरा. वनपाल शेखर सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि लकड़ी तस्कर ओडिशा से भारी मात्रा में सखुआ के बोटे लादकर बानो और कुरकुरा-बाकुटोली के रास्ते रांची की ओर ले जा रहे हैं. सूचना के आधार पर वनपाल ने विशेष टीम गठित कर बानो-कुरकुरा मार्ग पर नाकाबंदी कराई.

ये भी पढ़ें- विकसित भारत क्विज में अधिक से अधिक युवा लें भाग : पुलकित खुराना

वन विभाग की टीम ने किया पीछा

नाकाबंदी के दौरान टीम ने कुरकुरा के पास ट्रक को देखा और उसका पीछा शुरू कर दिया. कामडारा-कुरकुरा के पास चालक की नजर वन विभाग की टीम पर पड़ी. पकड़े जाने के डर से उसने ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी और भागने लगा. वन विभाग की टीम ने पीछा जारी रखा. ट्रक जब बसिया-सिसई रोड पर पहुंचा, तो वन विभाग की टीम उसके काफी करीब पहुंच गयी. इसी दौरान चालक चलती ट्रक से कूदकर फरार हो गया. चालक के कूदते ही तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे पोकटा डैम में जा गिरा.

क्रेन की मदद से ट्रक और लकड़ी निकाली गई

घटना के बाद वनपाल शेखर सिंह ने तत्काल क्रेन मंगवाई. घंटों की मशक्कत के बाद पानी में डूबे ट्रक और उसमें लदे भारी मात्रा में सखुआ के बोटों को बाहर निकाला गया. वन विभाग ने ट्रक और लकड़ी को जब्त कर लिया है. फरार चालक के साथ ही अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करी गिरोह के मुख्य सरगनाओं का पता लगाने के लिए विभाग ने जांच शुरू कर दी है.

ये भी पढ़ें- जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी: अभय तिवारी समेत 2 आरोपियों की जमानत पर फैसला आज

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >