लंबी कतारें, ऑनलाइन सिस्टम की खराबी और कालाबाजारी ने बढ़ाई परेशानी

गोड्डा में रसोई गैस की भारी किल्लत, लोगों में तनाव और मारामारी

जिले में रसोई गैस को लेकर आम जनता में तनाव बढ़ता जा रहा है. गांव से लेकर शहर तक गैस की दुकानों में लंबी कतारें लगी हैं और लोग केवल लाइन में लगने के लिए एक-दूसरे से भिड़ रहे हैं. इस मारामारी के माहौल में जहां आम उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं कुछ लोग ऊँची कीमत और कालाबाजारी के सहारे गैस बेचने में जुटे हैं. शहर में पांच से सात ऐसे लोग हैं जो गैस को अपने स्टॉक में जमा करके छोटे सिलेंडरों में महंगे दामों पर बेच रहे हैं. प्रतिसिलेंडर पांच से आठ सौ रुपये की दर पर यह अवैध बिक्री हो रही है.

गोड्डा शहर की स्थिति पर लाइव रिपोर्ट

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार सुबह करीब 8:45 बजे गंगटा चौक के पास इंडेन गैस काउंटर पर भारी भीड़ जमा थी. लोग गैस के लिए नंबर लगाने के लिए सुबह से ही लाइन में खड़े हैं. कुछ लोग एक-दूसरे पर चढ़कर अपने सिर काउंटर के अंदर डालने का प्रयास कर रहे थे. काउंटर अंदर से बंद था और बाहर एक नोट चिपका हुआ था, जिसमें लिखा था कि सर्वर की खराबी के कारण ऑनलाइन चिट्ठा नहीं कट पा रहा है. इस तकनीकी समस्या के कारण सिस्टम धीरे चल रहा है, जिससे लोगों में और भी चिंता बढ़ गयी. लाइन में खड़ी कुछ महिलाएं एक-दूसरे पर चीख रही थीं, वहीं पुरुष अन्य लोगों को अनुशासन बनाकर लाइन में खड़े रहने की चेतावनी दे रहे थे. दिन बढ़ने के साथ-साथ लाइन और भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन गैस एजेंसी के संचालक की ओर से अब तक किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी गयी है. उपभोक्ताओं का कहना है कि वे दो दिनों से लगातार घंटों खड़े होकर गैस का चिट्ठा कटवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली.

शहर में बड़े सिलेंडर से छोटे एवं व्यावसायिक सिलेंडर में अवैध रिफिलिंग

गोड्डा शहरी क्षेत्र में पिछले करीब दस वर्षों से अवैध तरीके से बड़े गैस सिलेंडरों से एक से पांच किलोग्राम के छोटे सिलेंडरों में तथा कभी-कभी बड़े व्यावसायिक सिलेंडरों में गैस की रिफिलिंग की जा रही है. इस अवैध कारोबार से लाभ कमाने वाले लोग बड़ी कमाई कर रहे हैं. शहर में अवैध गैस रिफिलिंग के यह धंधे पुलिस प्रशासन की निगाह के नीचे चल रहे हैं. हर दिन इन पर नजर पड़ने के बावजूद किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है. शहर के प्रमुख स्थान जहां रिफिलिंग हो रही है, उसमें सब्जी बाजार के हनुमान मंदिर के समीप, असनबनी चौंक के आस-पास दो दुकानें, फसिया डंगाल क्षेत्र, शहर के कोर्ट के सामने, कारगिल चौक के पास, मस्जिद चौक मुख्य बाजार, रौतारा चौंक के पास दो स्थान, गोढी चौक व भागलपुर रोड के समीप बड़े सिलेंडरों से छोटे एवं व्यावसायिक सिलेंडरों में अवैध रिफिलिंग का कारोबार वर्षों से जारी है.

गोड्डा में होटल और रेस्टोरेंट संचालक कर रहे घरेलू गैस का अवैध उपयोग

गोड्डा जिले में लगभग सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को फिलहाल गैस के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है. कुछ होटल संचालकों को प्रतिदिन एक सिलेंडर की खपत होती है, तो कुछ को पांच से छह सिलेंडर की जरूरत होती है, जिसके लिए उन्हें अधिक मूल्य चुकाना पड़ रहा है. मजेदार बात यह है कि कुछ होटल संचालक जिनके लिए पहले 19 किलोग्राम के सिलेंडर उपलब्ध होते थे, लगभग दस दिनों से आपूर्ति बंद होने के बावजूद उनके यहां बड़े सिलेंडर आराम से देखे जा रहे हैं. संचालनकर्ता कोई जानकारी साझा करने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन उनके व्यवसाय में फिलहाल कोई परेशानी नहीं है. शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़े एवं घरेलू सिलेंडरों का उपयोग आसानी से देखा जा सकता है. सरकारी निर्देशों के अनुसार होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को नीले रंग के कॉमर्शियल सिलेंडर का ही उपयोग करना चाहिए, जिसकी कीमत घरेलू सिलेंडर से कहीं अधिक होती है. सूत्रों के मुताबिक, जिले में कॉमर्शियल सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति न होने का बहाना बनाकर होटल संचालक अवैध रूप से घरेलू सिलेंडरों (14.2 किग्रा) का उपयोग कर रहे हैं. गैस एजेंसी के कर्मियों का कहना है कि होली के बाद से कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है.

आम उपभोक्ता परेशान, लंबी वेटिंग

जिले के हजारों उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों में बुकिंग कराने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा. गोदामों पर चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें स्टॉक खत्म होने का बहाना देकर लौटाया जा रहा है. उपभोक्ता अनिता देवी ने बताया कि उन्होंने आठ दिन पहले गैस बुक की थी, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई. मजबूरन उन्हें लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि कुछ गैस एजेंसियों के डिलीवरी बॉय और बिचौलिए मोटे मुनाफे के चक्कर में आम जनता के हिस्से के सिलेंडर होटलों में पहुंचा देते हैं. कॉमर्शियल गैस महंगी होने के कारण होटल संचालक घरेलू गैस को सस्ता विकल्प मान रहे हैं, जो कि पूर्णत: गैरकानूनी हैय

प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल

खाद्य आपूर्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन की इस मामले में चुप्पी हैरान करने वाली है. समय-समय पर छापेमारी न होने के कारण होटल संचालकों के हौसले बुलंद हैं. घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक है, क्योंकि इन जगहों पर सिलेंडर के रखरखाव के मानकों की अनदेखी की जाती है.

गैस की किल्लत को लेकर बोले एसडीओ

“गैस को लेकर जो भी परेशानी है, उस पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. फिलहाल ऐसी किसी भी समस्या की स्थिति नहीं है. लोग धैर्य बनाये रखें और आराम से अपने कार्य करें. प्रशासन पूरी तरह से स्थिति पर निगरानी रखे हुए है.

-वैद्यनाथ उरांव, एसडीओ, गोड्डा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sanjeet kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >