बेंगाबाद: सूरत के एक बड़े नेता के भाई के खाते से 10 लाख 65 हजार 375 रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में बेंगाबाद के दो युवकों को सूरत सिटी पुलिस अपने साथ ले गयी। गिरफ्तार आरोपियों में बिशनपुर निवासी रूपलाल मंडल और मुकेश कुमार शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों ने साइबर ठगी से जुड़े कई अहम खुलासे किये हैं। इसके आधार पर पुलिस आगे की जांच में जुटी है।
मोबाइल लोकेशन के आधार पर हुई गिरफ्तारी सूरत सिटी साइबर थाना के एसआई वीबी प्रजापति ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को शिथाराम शेरसिंह चौधरी के खाते से 10 लाख 65 हजार 375 रुपये की साइबर ठगी हुई थी। अपराधियों ने एपीके फाइल भेजकर खाते से पूरी राशि उड़ा ली थी। पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गयी।
जांच के दौरान जिस खाते में ठगी की राशि पहुंची थी, उसकी जानकारी जुटाने के बाद सूरत पुलिस बेंगाबाद पहुंची। टीम ने बेंगाबाद थाना पुलिस के सहयोग से मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई की। मुकेश कुमार को बिशनपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया, जबकि रूपलाल मंडल को देवरी स्थित उसकी ससुराल से पकड़ा गया। रविवार को दोनों आरोपियों को पुलिस अपने साथ सूरत ले गयी।
कमीशन पर रकम ट्रांसफर करने की बात कबूली पूछताछ के दौरान रूपलाल मंडल ने पुलिस को बताया कि साइबर ठगी की रकम उसके खाते में आने के बाद वह 15 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी राशि मुकेश कुमार को दे देता था। वहीं मुकेश कुमार 8 प्रतिशत कमीशन रखने के बाद शेष राशि दुर्गापुर के एक अन्य अपराधी को भेज देता था।
पुलिस जांच में दोनों के बैंक खातों में 50 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन का पता चला है। इससे पुलिस को आशंका है कि दोनों आरोपी लंबे समय से साइबर अपराध के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पैरवीकारों की नहीं चली, पुलिस ने दिखाई सख्ती गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही कुछ लोग आरोपियों की पैरवी के लिए थाना पहुंचने लगे, लेकिन मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण किसी की नहीं चली। पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें फटकार लगायी।
जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने साइबर अपराध के जरिए काफी संपत्ति अर्जित की है। उनके महंगे शौक और रहन-सहन से भी अपराध से जुड़े होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
