किसान रोहिणी नक्षत्र के आगमन के साथ ही जुताई-कोड़ाई में जुट हुए हैं. हालांकि, अनुदानित दर पर सरकार ने बीज वितरण की व्यवस्था नहीं की है. इससे किसान मायूस हैं. वह खुले बाजार में मंहगे दाम में पर खाद-बीज खरीदने को मजबूर हैं. 25 मई से शुरू हुआ रोहिणी नक्षत्र आठ जून को समाप्त होगा.
रोहणी नक्षत्र में बीज की बुआई लाभदायक
किसानों की मानें, तो रोहिणी नक्षत्र में बीज की बुआई लाभदायक होती है. लेकिन, सरकार द्वारा अभी तक खाद बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है. कृषि विभाग व पैक्स को भी अभी तक खाद-बीज का आवंटन नहीं किया गया है. किसान सुमन कुजूर, इम्तियाज अंसारी, भागवत सिंह, अनवर अंसारी, प्यारी सिंह, बाली राय समेत अन्य ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में धान, मकई आदि की बुआई शुभ व लाभदायक होता है. इस बार रोहिणी नक्षत्र के पूर्व बारिश से खेतों में नमी है. इसलिए वह जोताई-कोड़ाई कर रहै हैं. हालांकि, अल्प वर्षा संभावना जताये जाने के कारण वह बाजार से हाइब्रिड बीज की बुआई करने लगे हैं. इधर, बीज भंडार के संचालक खाद-बीज का भंडारण कर लिया है. खरीदारी को ले किसानों की भीड़ उमड़ रही है.
आवंटन मिलते ही किसान मित्रों के माध्यम से शुरू होगा बीज वितरण : बीटीएमगांडेय के प्रभारी प्रखंड तकनीकी पदाधिकारी (बीटीएम) सच्चिदानंद प्रसाद ने कहा कि अभी बीज का आवंटन नहीं हुआ है. बीज का आवंटन मिलते ही किसान मित्रों के माध्यम से वितरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. वहीं, बुधूडीह पैक्स प्रबंधक राजेश वर्मा ने भी कहा कि खाद बीज मिलते ही किसानों के बीत वितरण होगा.