श्री मरांडी ने कहा कि वह मधुबन प्रवास के दौरान वे दिशोम मांझीथान दर्शन के लिये गये थे. वहां ताला बंद मिला और चाबी भी उपलब्ध नहीं हो सकी. जानकारी लेने पर पता चला कि मांझीथान की चाबी बीडीओ के पास है. कहा कि मांझीथान में पूजा-अर्चना नायके बाबा द्वारा करायी जाती है. यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को नायके बाबा की उपस्थिति में दर्शन एवं पूजा का लाभ मिलना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मरांग बुरु पारसनाथ स्थित दिशोम मांझीथान में ताला लगा रहने से लोग बिना दर्शन के ही लौट जाते हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से दिशोम मांझीथान के लिए स्थायी रूप से नायके बाबा की नियुक्ति करने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो. बीडीओ ने कहा कि दिशोम मांझीथान की चाबी मेरे पास नहीं रहती है. मांझीथान में ताला सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है.
बाबूलाल मरांडी ने मुनि श्री से लिया आशीर्वाद
बाबूलाल मरांडी ने गुनायतन संस्था परिसर में विराजमान मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान सम्मेद शिखर से संबंधित कई विषयों पर चर्चा भी हुई. मौके पर सिकंदर हेंब्रम, अमर तुरी, सुनील जैन, सुभाष जैन आदि उपस्थित थे.
