शनिवार से जिले के सभी प्रखंडों के दवा दुकानदारों ने अपने बाजू पर काला बिल्ला लगाकर सरकार की नीतियों के प्रति अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है. गिरिडीह जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव सुजीत कपिश्वे ने बताया कि 19 मई तक जिले के सभी दवा विक्रेता काला बिल्ला लगाकर अपना व्यवसाय करेंगे और सरकार के उदासीन रवैए के प्रति अपना क्षोभ प्रकट करेंगे. 20 मई को आंदोलन के पांचवें दिन देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में गिरिडीह जिले की सभी दवा दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी.
छोटे और मंझोले व्यापारियों के समक्ष अस्तित्व का संकट
कहा कि कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा ऑनलाइन दवा व्यापार और बाजार में दी जा रही अनुचित प्रतिस्पर्धा के कारण स्थानीय छोटे और मंझोले व्यापारियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन ना केवल ऑनलाइन व्यापार का विरोध करता है, बल्कि इस समस्या का समुचित और स्थायी समाधान भी चाहता है. संघ के विकास केडिया ने कहा कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाये, सस्ते के प्रलोभन में बाजार में बेची जा रही नकली दवाओं की बिक्री पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाये. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जायेगा.
