Giridih News :मंडा आहार में आधा दर्जन घाट का हुआ निर्माण

बेंगाबाद के मंडा आहार में घाटों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इस तालाब के पर अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों की विशेष कृपा दृष्टि बनी हुई है. ऐसे Giridih News :में यहां घाटों की संख्या आधा दर्जन से अधिक हो गयी है.

नियम प्रावधानों को ताक पर रखकर कराये जा रहे घाटों की जांच हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. वर्तमान में यहां दो घाटों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. प्राक्कलन की सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है. घाट की सीढ़ी की आरसीसी के स्थान पर सीधे ईंट से सोलिंग कर खानापूर्ति की जा रही है. जबकि, एक घाट को पिछले एक साल से अधूरा छोड़कर नये सिरे से योजना स्वीकृत कराकर राशि निकासी के फेर में होने की भी जानकारी मिल रही है. अब तक स्वीकृति के पूर्व अधिकारियों ने तालाब का जायजा लेना भी उचित नहीं समझा है.

इन विभागों से कराया गया है निर्माण

बताया जाता है कि तत्कालीन विधायक प्रो जयप्रकाश वर्मा के अनुशंसा से इस तालाब का जीर्णाेद्धार कराया गया था. तालाब बनने के पूर्व यहां पर स्थानीय पंचायत फंड से घाट का निर्माण कराया गया था. तालाब बनने के बाद यहां पर कोडरमा सांसद, जिला परिषद के साथ-साथ पंचायत समिति मद से आधा दर्जन से अधिक घाट का निर्माण कराया गया है. जिला परिषद मद से बनने वाली घाट बनाने की जिम्मेदारी लिए संवेदक पिछले एक साल से कार्य को छोड़ दिया है. घाट निर्माण के लिए तालाब के मेढ की भी छंटाई की गयी, लेकिन कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है. इससे बरसात में पानी भरने से मेढ के टूटने की आशंका बनी हुई है. अधूरे घाट के बगल में ही पुनः जिला परिषद मद से नया घाट का निर्माण कराया जा रहा है. इसके अलावे पंचायत समिति मद से भी एक नया घाट का निर्माण कार्य जोरों पर है. इस तालाब में वर्तमान में चार घाट बनकर तैयार है. एक घाट अधूरा है. जबकि दो नये घाट का निर्माण कराया जा रहा है. एक घाट को छोड़कर किसी में सूचना बोर्ड का अता पता नहीं है. ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता व प्राक्कलन की अनदेखी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.

बेंगाबाद का है महत्वपूर्ण तालाब

इधर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मंडा आहार बेंगाबाद बाजार व आसपास के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण तालाब है. यहां छठ का अर्घ्य अर्पित करने के साथ-साथ विभिन्न पर्व त्योहारों में प्रतिमा का भी विसर्जन किया जाता है. ऐसे में घाट की गुणवत्ता बेहतर होने की मांग ग्रामीणों ने करते हुए विभाग से जांच की मांग की है. कहना है कि एक के बाद एक घाट का निर्माण जरूर कराया जा रहा है, लेकिन कार्य की अधिकारी समय-समय पर जांच करें, ताकि इसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके. वहीं, जिला परिषद मद से कराये जा रहे घाट को अधूरा छोड़ने वाले संवेदक पर कार्रवाई की भी मांग उठने लगी है. प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी निलेश कुमार का कहना है कि शीघ्र स्थल का जांच करायी जायेगी और प्राक्कलन के अनुसार कार्य हो इसे सुनिश्चित कराया जायेगा.

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Author: PRADEEP KUMAR

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