धान की बोरियों के बीच छिपाकर बिहार ले जा रहे थे शराब, पपरवाटांड़ टोल टैक्स के पास उत्पाद विभाग ने पकड़ा

Giridih News: गिरिडीह जिले में उत्पाद विभाग के अधिकारी उस वक्त चौंक गए, जब उन्होंने देखा कि एक ट्रक पर धान की बोरियों के बीच करीब 10 लाख रुपए की शराब लदी है.

Giridih News|गिरीडीह, मृणाल सिन्हा : गिरिडीह जिले में अवैध रूप से शराब की तस्करी करने वाला गिरोह एक बार फिर से सक्रिय हो गया है. शराब माफिया अलग-अलग राज्यों से शराब की बड़ी खेप मंगाकर उसे अलग-अलग तरीके से बिहार पहुंचाने में जुट गए हैं.

परवाटांड़ के टोल टैक्स के पास ट्रक में मिली 700 पेटी अंग्रेजी शराब

इसका खुलासा शुक्रवार को तब हुआ, जब उत्पाद विभाग की टीम ने धान की बोरियों के बीच छुपाकर ले जाई जा रही है करीब 700 से अधिक पेटी अंग्रेजी शराब पकड़ी. उत्पाद विभाग की टीम ने पपरवाटांड़ के टोल टैक्स के पास एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें भारी मात्रा में शराब लदी थी.

ट्रक से उतारकर रखी गई धान की बोरियां. फोटो : प्रभात खबर

गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक 14 चक्का वाला ट्रक, जिसका नंबर एनएल 01 क्यू 9257 है, में अवैध रूप से शराब की बड़ी खेप की ढुलाई हो रही है. शराब की यह खेप गिरिडीह के रास्ते बिहार ले जायी जा रही है. सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने इलाके में नाकेबंदी कर वाहनों की तलाश करनी शुरू कर दी.

चौंक गए ट्रक की तलाशी लेने वाले अधिकारी

वाहनों की तलाशी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली कि उक्त ट्रक पपरवाटांड़ के टोल टैक्स के समीप खड़ा है. इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और ट्रक को अपने कब्जे में लेकर तलाशी शुरू कर दी. टीम ने जब ट्रक की तलाशी ली, तो अधिकारी और कर्मी चौंक गए.

ट्रक से शराब के कार्टूनों को उतारने में लगा मजदूर. फोटो : प्रभात खबर

हरियाणा और चंडीगढ़ में बनी विदेशी शराब ले जा रहे थे बिहार

इस ट्रक में उत्पाद विभाग की टीम को धान की बोरियों के बीच में भारी मात्रा में हरियाणा और चंडीगढ़ में बनी अलग-अलग कंपनियों की विदेशी शराब की पेटियां मिलीं. हालांकि, शराब माफिया मौके पर से भाग गए, लेकिन एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया. उससे पूछताछ की जा रही है.

बरामद शराब की कीमत करीब 10 लाख रुपए

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ट्रक में 700 पेटी शराब थी, जिसकी कीमत 10 लाख रुपए के आसपास है. चर्चा है कि उत्पाद विभाग के कुछ कर्मचारियों ने ट्रक को पकड़ने के बाद उसे छोड़ने की तैयारी की थी, लेकिन मांग के अनुरूप पैसे नहीं मिले. इसी बीच वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना मिल गई. उत्पाद विभाग को गिरिडीह के कुछ सफेदपोश की तलाश है, जो शराब की खेप बिहार भेज रहे थे.

ट्रक की तलाशी लेने पर चौंक गए उत्पाद विभाग के अधिकारी. फोटो : प्रभात खबर

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By Mithilesh Jha

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