अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: गढ़वा शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सरस्वतिया और तिलैया नदी के अस्तित्व को बचाने और उन्हें पुराना स्वरूप लौटाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ी शुरुआत हुई है. उपायुक्त के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक की. इस बैठक में गढ़वा अंचल, नगर परिषद, जल संसाधन विभाग तथा पेयजल और स्वच्छता विभाग के अधिकारी शामिल हुए. विलुप्तप्राय हो चुकी इन नदियों के संरक्षण, गहरीकरण, गाद (सिल्ट) की सफाई और इन्हें पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक संयुक्त और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था.
अतिक्रमणकारियों को अंतिम नोटिस जारी करने का निर्देश
एसडीएम संजय कुमार ने बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए गढ़वा अंचल अधिकारी (सीओ) को निर्देश दिया कि जिन लोगों ने नदी क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है और जिन्हें पूर्व में नोटिस दिया जा चुका है, उन्हें तत्काल अंतिम नोटिस जारी करें. इसके साथ ही सभी अतिक्रमणकारियों की एक विस्तृत सूची तैयार कर अविलंब अनुमंडल कार्यालय को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है.
नदी में मलबा डालने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह बात सामने आई कि कुछ लोग भविष्य में नदी की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से जानबूझकर उसमें मिट्टी, पत्थर और भवन निर्माण सामग्री (मलबे) डाल रहे हैं. एसडीएम ने नगर परिषद को ऐसे ‘भू-माफिया’ मानसिकता वाले लोगों को चिन्हित कर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके अलावा नदी के आसपास के कचरा प्रभावित क्षेत्रों में नगर परिषद द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे. नदी में कूड़ा-कचरा डंप करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.
जल संसाधन विभाग तैयार करेगा तकनीकी कार्ययोजना
यह नदी जल संसाधन विभाग की संपत्ति है, इसलिए एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी के संरक्षण, विकास और इसके गहरीकरण को लेकर एक ठोस तकनीकी कार्ययोजना (प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शीघ्र तैयार की जाए जिससे धरातल पर काम शुरू हो सके.
सरस्वतिया नदी पुनरुद्धार को मिलेगा जनआंदोलन का स्वरूप
एसडीएम ने कहा कि सरस्वतिया नदी का पुनरुद्धार सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं होगी, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा. इसमें जिले की सामाजिक संस्थाओं, प्रबुद्ध नागरिकों और निजी क्षेत्र की एजेंसियों का भी सहयोग लिया जाएगा.
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