गढ़वा-पलामू के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है हेमंत सरकार : सत्येंद्रनाथ तिवारी

भाषा विवाद और मंडल डैम के विस्थापन को लेकर राज्यपाल से मिले गढ़वा विधायक

भाषा विवाद और मंडल डैम के विस्थापन को लेकर राज्यपाल से मिले गढ़वा विधायक प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा विधायक सह वरिष्ठ भाजपा नेता सत्येंद्रनाथ तिवारी ने शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर हेमंत सरकार द्वारा गढ़वा व पलामू के साथ भाषा को लेकर किये जा रहे भेदभाव को रखा. विधायक ने राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि गढ़वा, पलामू व लातेहार में शत-प्रतिशत लोग भोजपुरी, हिंदी और मगही का प्रयोग करते हैं. इस क्षेत्र के विद्यार्थी अपने दैनिक जीवन व प्रारंभिक शिक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी का उपयोग करते हैं. यह भाषा गढ़वा, पलामू व लातेहार की संस्कृतिक व सामाजिक पहचान का भी हिस्सा है, लेकिन महागठबंधन की हेमंत सोरेन सरकार यहां के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. उन्होंने राज्यपाल से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में स्थानीय भाषा के रूप में भोजपुरी, मगही और हिंदी को शामिल शामिल करने की मांग की है. विस्थापितों को जबरन बसाने के मुद्दे को उठाया विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के विश्रामपुर व बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के विस्थापित 780 परिवार को प्रशासन द्वारा जबरदस्ती बसाने के मामले को भी राज्यपाल के सामने उठाया. कहा कि मंडल डैम के विस्थापित 5000 लोगों को गढ़वा विधानसभा के जिस जंगल के 1000 एकड़ पर बसाया जा रहा है, उस जंगल से वहां के स्थानीय लोगों का भरण पोषण होता है. विधायक ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बिना ग्राम सभा व बिना स्थानीय लोगों की राय के आठ दिसंबर को बर्बरता पूर्ण कार्रवाई की गयी, इसमें पुरुष पुलिस बल के द्वारा महिलाओं को भी पीटा गया और स्थानीय लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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