प्रभात इंपैक्ट
गढ़वा: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास कार्य के एवज में अवैध राशि मांगने वाले खरौंधी प्रखंड के प्रखंड समन्वयक कुमार शानु केशरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से कार्यमुक्त (बर्खास्त) कर दिया गया है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने साक्ष्यों व असंतोषजनक स्पष्टीकरण के आलोक में यह बड़ी कार्रवाई की है.
मालूम हो कि इस मामले को प्रभात खबर डिजिटल ने सबसे पहले प्रमुखता से ब्रेक किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए यह कड़ी कार्रवाई की है. मामला खरौंधी प्रखंड का है, जहां प्रखंड समन्वयक कुमार शानु केशरी का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में उन पर आवास योजना के काम के बदले एक पंचायत सहायक से अवैध राशि मांगने का आरोप लगा था. प्रभात खबर द्वारा खबर उजागर किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने 3 अगस्त को पत्र भेजकर प्रखंड समन्वयक से स्पष्टीकरण मांगा था. आरोपी द्वारा प्रस्तुत लिखित स्पष्टीकरण का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया.
इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के निष्पादन में अवैध राशि की मांग करना गंभीर अनुशासनहीनता और सरकारी सेवा के नैतिक मूल्यों के प्रतिकूल है. ऐसी परिस्थिति में संबंधित कर्मी को पद पर बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है. इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या अवैध वसूली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
