गढ़वा में सिस्टम की लापरवाही: जिंदा महिला को कागजों में मृत दिखाया, 4 साल से विधवा पेंशन बंद

Garhwa Alive Woman Declared Dead: गढ़वा में जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया. सरकारी रिकॉर्ड में गलती के कारण एक बुजुर्ग महिला चार वर्षों तक विधवा पेंशन नहीं मिल पा रहा है.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa Alive Woman Declared Dead: गढ़वा जिले में सरकारी सिस्टम की लापरवाही का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. गढ़वा जिले में एक जीवित महिला को सरकारी दस्तावेजों में ‘मृत’ घोषित कर पिछले चार सालों से उसकी विधवा पेंशन बंद कर दी गई है. यह बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सामने आया. जैसे ही यह फरियाद उपायुक्त के सामने पहुंची, वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया .

सरकारी बाबू की लापरवाही ने कागजों पर मार डाला

दरअसल, मेराल प्रखंड के हासनदाग गांव की रहने वाली शांति कुंवर शुक्रवार को समाहरणालय में आयोजित उपायुक्त की जनसुनवाई में पहुंचीं. उन्होंने डीसी को आवेदन सौंपते हुए बताया कि वह जीवित हैं, लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण उन्हें कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया है. इस वजह से पिछले 4 साल से उनकी विधवा पेंशन बंद पड़ी है. बुजुर्ग महिला ने दर्द बयां करते हुए कहा कि पेंशन चालू कराने को लेकर उन्होंने कई बार प्रखंड कार्यालय (ब्लॉक) के चक्कर काटे और आवेदन दिया, लेकिन किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. हार मानकर वह उपायुक्त के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचीं, जिसके बाद उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर पेंशन फिर चालू करने का निर्देश दिया है .

जमीन दे दी पर नहीं मिला मुआवजा, सड़क और योजनाओं के लिए भी गुहार

जनसुनवाई के दौरान केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि अन्य कई गंभीर मामले भी सामने आए. रमना प्रखंड के करचा निवासी शर्मा वियार ने शिकायत की कि एनएच-75 खजूरी से विंढ़मगंज पथ चौड़ीकरण में उनकी 8 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण किया गया है, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उन्हें अब तक मुआवजा राशि नहीं मिल सकी है . वहीं, सदर प्रखंड के ओबरा गांव की मुखिया कौशल्या देवी और ग्रामीण गुप्तेश्वर विश्वकर्मा ने गांव की जर्जर सड़क को लेकर आवेदन दिया और बताया कि एक से डेढ़ किलोमीटर की इस सड़क पर चलना राहगीरों के लिए कष्टदायक हो चुका है. इसके अलावा रमना के सिलीदाग की पुष्पा देवी ने अपने बच्चों को ‘बाल आशीर्वाद योजना’ का लाभ दिलाने की मांग की, जिनका नाम लिस्टेड होने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है .

उपायुक्त ने अधिकारियों को दी नसीहत

जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, रोजगार और बकाया मजदूरी भुगतान समेत कई अन्य जनसमस्याएं भी आईं. डीसी पशुपतिनाथ मिश्रा ने सभी फरियादियों की समस्याओं को बारी-बारी से बेहद गंभीरता से सुना और मिली शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया. उपायुक्त ने सभी विभागों के कार्यालय प्रधानों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आमजनों से मिली शिकायतों और समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निपटाएं, जिससे किसी भी योग्य नागरिक को सरकारी लाभ से वंचित न होना पड़े.

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Published by: Sweta vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

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