विजय सिंह की रिपोर्ट भवनाथपुर(गढ़वा)
रक्षाबंधन पर्व को लेकर भवनाथपुर बाजार में मिठाइयों की मांग काफी बढ़ गई है. पर्व के मद्देनजर शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में दूसरे स्थानों से तैयार मिठाइयां पहुंच रही हैं. कई दुकानों में बाहर से लायी गयी मिठाइयों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है. ऐसे में मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ने लगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्व के दौरान मिठाइयों की खपत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है. इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी कम कीमत पर बाहरी क्षेत्रों से मिठाइयां मंगाकर बाजार में खपा रहे हैं. इन मिठाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले दूध, खोवा, तेल, घी, रंग और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी आम उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाती है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक रखी गई या उचित तापमान पर सुरक्षित नहीं रखी गई मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं. खासकर खोवा, दूध और क्रीम से बनी मिठाइयों में खराब होने का खतरा अधिक रहता है. मिलावटी और बासी मिठाई के सेवन से पेट संबंधी बीमारी, उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. भवनाथपुर में सालों भर बाहरी मिठाइयों को लाकर बेचा जाता है. लेकिन कोई भी उत्सव हो या त्योहार, मिठाई कारोबारी बड़े पैमाने पर बाहरी मिठाइयों को लाकर स्टॉक करते हैं. 15 अगस्त और रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही कारोबारी अभी से ही मिठाई का स्टॉक जमा करने में लग गए हैं.
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जांच अभियान की मांग
रक्षाबंधन को देखते हुए स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से भवनाथपुर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि मिठाई दुकानों से सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करायी जाये. साथ ही मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली मिठाइयों को बाजार से हटाया जाए. लोगों ने यह भी मांग की है कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाली मिठाइयों के स्रोत, निर्माण की तारीख, पैकिंग और उपयोग की अंतिम तिथि की जांच की जाए. त्योहार के मौके पर प्रशासन की ओर से नियमित निरीक्षण होने से उपभोक्ताओं को मिलावटी और खराब मिठाइयों से बचाया जा सकता है.
त्योहार में सावधानी जरूरी
रक्षाबंधन खुशियों और भाई-बहन के प्रेम का पर्व है. ऐसे में मिठाई खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतने की जरूरत है. खुले में रखी, रंग अत्यधिक चमकीला होने वाली अथवा दुर्गंध वाली मिठाइयों को खरीदने से बचना चाहिए. वहीं प्रशासन की सक्रियता और खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच से ही बाजार में बिक रही मिठाइयों की वास्तविक गुणवत्ता सामने आ सकेगी.
पिछले साल जहरीली मिठाइयों का हुआ था खुलासा
पिछले साल अगस्त 2025 में प्रशासन ने यूपी और बिहार से जुड़े नकली मिठाइयों के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए लगभग 3 क्विंटल (300 किलो) सड़ी-गली और केमिकल युक्त मिठाइयां जब्त कर नष्ट कराई थीं. तत्कालीन सदर एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के कई संदिग्ध ठिकानों और गोदामों में एक साथ छापेमारी की थी. जांच के दौरान बरामद मिठाइयों में कपड़े रंगने वाले हानिकारक औद्योगिक केमिकल और अमानक सिंथेटिक रंगों के खुलेआम इस्तेमाल का खुलासा हुआ था, जो सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ था.
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तीन प्रमुख कारोबारियों को चिन्हित किया था
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध कारोबार के मुख्य सूत्रधार माने जाने वाले तीन प्रमुख कारोबारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की थी. जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों से मिलावटी खोवा, पनीर और तैयार मिठाइयों की खेप लाकर गढ़वा और आसपास के इलाकों में खपाई जा रही थी. इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के खाद्य व्यवसायियों में हड़कंप मच गया था और मिलावटखोरी के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया था.
क्या कहते हैं पदाधिकारी ?
क्या कहते पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी, श्री वंशीधर नगर ने कहा कि त्योहारों के दौरान आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. अनुमंडल क्षेत्र के बाजारों में बाहरी एवं मिलावटी मिठाइयों की बिक्री की सूचना पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ जल्द ही विशेष जांच अभियान चलाया जायेगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले और मिलावटी सामग्री बेचने वाले दुकानदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
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