East Singhbhum News : गुड़ाबांदा के कन्यालुका में होगा यूरेनियम का उत्पादन, परमाणु ऊर्जा विभाग ने जिला प्रशासन से दो एकड़ भूमि 10 साल की लीज पर मांगा

उक्त जमीन का उपयोग पूरी तरह अनुसंधान व विकास के लिए होगा, कन्यालुका गांव में सर्वे के दौरान यूरेनियम की उपलब्धता की जानकारी मिली थी, परमाणु खनिज अन्वेषण व अनुसंधान निदेशालय के पूर्वी क्षेत्र के निदेशक सुजीत कुमार दास ने डीसी अनन्य मित्तल को पत्र लिखा

गुड़ाबांदा. पूर्वी सिंहभूम जिले का पिछड़ा प्रखंड गुड़ाबांदा की भालकी पंचायत स्थित कन्यालुका गांव में यूरेनियम का भंडार मिला है. इसे लेकर परमाणु ऊर्जा विभाग ने जिला प्रशासन से दो एकड़ भूमि को 10 साल की लीज पर देने का अनुरोध किया है. उक्त जमीन का उपयोग पूरी तरह अनुसंधान व विकास के लिए होगा. इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जायेगा. परमाणु खनिज अन्वेषण व अनुसंधान निदेशालय के पूर्वी क्षेत्र के निदेशक सुजीत कुमार दास ने डीसी अनन्य मित्तल को पत्र लिखा है.

पत्र में लिखा गया है कि गुड़ाबांदा के कन्यालुका गांव में वर्ष 2019 से सर्वेक्षण चल रहा है. इसमें परमाणु खनिज (यूरेनियम) की उपलब्धता की पुष्टि हुई है. परमाणु ऊर्जा विभाग ने कन्यालुका की जमीन (खाता संख्या – 297 व प्लॉट नंबर-1329) 10 साल की लीज पर देने का अनुरोध किया है.

ज्ञात हो कि उक्त सर्वेक्षण पांच साल से चल रहा था. परमाणु ऊर्जा विभाग ने पहले ही झारखंड सरकार को पत्र लिखकर परमाणु खनिज (यूरेनियम) पाये जाने के संबंध में जानकारी दी है. आशा है कि जिला प्रशासन से 2 एकड़ भूमि 10 साल की लीज पर विभाग को उपलब्ध करायी जायेगी.

गांव की और 17.78 एकड़ भूमि पर होगा सर्वेक्षण

सर्वेयरों के अनुसार, कन्यालुका गांव में उक्त दो एकड़ जमीन के आसपास भी यूरेनियम की उपलब्धता है. ऐसे में और करीब 17.78 एकड़ भूमि पर सर्वेक्षण किया जायेगा. इसमें 5 एकड़ वन भूमि और करीब 7.57 एकड़ सरकारी भूमि है. शेष जमीन कांदरो संथाल, वैद्यनाथ संथाल, दासो संथाल व रामजीत संथाल की रैयती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >