घाटशिला. सालबनी स्थित स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन की ओर से शनिवार को विद्यार्थियों को जमशेदपुर के एक होटल में विजुअल मिथ्स की ओर से आयोजित रेडिएंट झारखंड प्रदर्शनी के तीसरे दिन शनिवार को ले जाया गया. बच्चों ने वहां के स्टॉलों का अवलोकन किया व ज्ञानवर्धक, करियर व प्लेमेंट से जुड़ी जानकारी प्राप्त की. प्रदर्शनी में सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों के 30 से ज्यादा स्टॉल लगे थे. जहां केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी गयी. विभाग से जुड़ी जानकारी के लिए लोगों को निःशुल्क पर्चे, पोस्टर, कॉफी टेबल बुक दिये गये. प्रदर्शनी में छात्रों की ज्यादा भीड़ भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के स्टॉल (जीएसआइ), सीएसआइआर, राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) के स्टॉल, भारतीय रिजर्व बैंक के स्टॉल, केंद्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्थान के स्टॉल पर देखी गयी. जीएसआइ के स्टॉल पर झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में मिलने वाले खनिज प्रदर्शित किये गये. विद्यार्थियों की विशेष जिज्ञासा लाखों वर्ष पहले के डायनासोर के अंडे और पांच लाख वर्ष पुराने मानव जाति के मस्तिष्क के अवशेष की जानकारी प्राप्त करने में रही.
तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन
वहीं, बच्चों को सीएसआइआर एनएमएल के स्टॉल पर अनुसंधान से जुड़ी जानकारी दी गयी. प्रदर्शनी में आये अधिकांश युवाओं ने आधार (यूआइडी) के स्टॉल पर जाकर अपना बायोमेट्रिक अपडेट्स कराया. तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन आज हो गया. विजुअल मिथ्स के दत्ता थोडे ने गुलदस्ता और सर्टिफिकेट देकर स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्राध्यापिकाओं को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया. आज के इस भ्रमण में प्राध्यापिका अपर्णा भकत व डॉ अंजू कुमारी शामिल थीं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
