घाटशिला .
घाटशिला प्रखंड कार्यालय के अधीन कार्यरत चौकीदारों को पिछले सात माह से वेतन नहीं मिला है. ऐसे में उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है. चौकीदारों का कहना है कि वेतन बकाया रहने से परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है. हमारे हालात भुखमरी जैसे हो रही है. चौकीदारों के अनुसार, दुकानदार अब उधार सामान देने से इनकार करने लगे हैं. कई चौकीदारों ने बैंक से ऋण लिया है. इसकी किस्त वे हर माह समय पर जमा करते थे. वेतन नहीं मिलने के कारण पिछले चार माह से बैंक का भुगतान नहीं हो पा रहा है. बैंक नोटिस भेजे लगे हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ गया है.पदाधिकारी कहते हैं आवंटन नहीं मिल रहा
इस संबंध में घाटशिला प्रखंड के चौकीदार पार्थो सारथी दत्ता, फागुनाथ मुर्मू, सौविक कुमार मुर्मू, महावीर भकत सहित अन्य ने बताया कि पुराने बहाली वाले चौकीदारों का चार माह से, जबकि नयी बहाली वाले चौकीदारों को सात माह से वेतन बकाया है. इसके बावजूद उनसे दिन-रात लगातार ड्यूटी करायी जा रही है. वेतन की जानकारी लेने पर अंचल कार्यालय से यही जवाब मिलता है कि जिला से अब तक आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है.
दुकानदार भी अब उधार नहीं दे रहे आंदोलन की तैयारी
चौकीदारों ने बताया कि बीते कई महीनों से उधार लेकर किसी तरह परिवार चलाया जा रहा था, लेकिन अब दुकानदार भी उधारी देने में असमर्थता जता रहे हैं. ऐसे में परिवार चलाना बेहद कठिन हो गया है. चौकीदारों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र वेतन का आवंटन नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे. बताया कि यह समस्या केवल घाटशिला तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले के लगभग 460 चौकीदारों का वेतन बकाया है. इसे लेकर जिले भर के चौकीदार मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाने की तैयारी कर रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
