घाटशिला.
घाटशिला प्रखंड सभागार में शनिवार को प्रमुख सुशीला टुडू की अध्यक्षता में पंचायत समिति की बैठक हुई. यहां पेयजल, स्वच्छता और विकास योजनाओं पर पंचायत समिति सदस्यों ने सवाल उठाये. जल स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता कैलाश राम से सुशनीगड़िया में करीब 125 करोड़ की लागत से बनी जलमीनार लंबे समय से बंद रहने और सांसद आदर्श पंचायत बड़ाजुड़ी में बृहद जलमीनार का कार्य शुरू नहीं होने पर जवाब मांगा. वहीं, 22 पंचायतों में खराब पड़ी जलमीनारों और चापाकलों का मुद्दा प्रमुखता से उठा.प्रखंड में 179 चापाकल खराब
जेई कैलाश राम ने बताया कि सुशनीगड़िया और बड़ाजुड़ी की योजनाओं में संवेदक ने कार्य छोड़ दिया. विभाग नये सिरे से निविदा निकाल रहा है. प्रखंड में अबतक 179 चापाकल खराब हैं, जिनकी सूची तैयार की जा रही है. बीडीओ यूनिका शर्मा ने जल स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता व समन्वयक को कड़ी फटकार लगायी. कहा कि विभागीय योजनाओं की जानकारी मुखिया, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों व अन्य पंचायत प्रतिनिधियों को दी जानी चाहिये. नये चापाकल लगाने से पहले जनप्रतिनिधियों की सहमति जरूरी है.
घाटशिला में वन विभाग का पार्क एक साल में पूरा होगा
बैठक में अबुआ आवास योजना के आवासों में शौचालय निर्माण की जानकारी मांगी. जल सहिया के साथ संयुक्त बैठक कर स्वच्छता कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया. वन विभाग से अनुमंडल कार्यालय के पास बन रहे पार्क की प्रगति पर सवाल किया. बताया गया कि कार्य एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है. इसके साथ स्वास्थ्य, बाल विकास परियोजना, आपूर्ति समेत अन्य विभागों के मुद्दों पर चर्चा हुई.समस्याओं का समाधान प्रखंड स्तर पर होगा : प्रमुख
प्रमुख सुशीला टुडू ने कहा कि पंचायत समिति से उठे मामलों का समाधान प्रखंड स्तर पर किया जायेगा. आवश्यक होने पर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जायेगी. बैठक में अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ आरएन सोरेन, बीपीआरओ धरमू उरांव सहित सभी पंचायत समिति सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
