गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा प्रखंड की बनमाकड़ी पंचायत स्थित जादू माकड़ी गांव के किसान अनंगो कुमार सिंह स्ट्रॉबेरी की मिठास व गेंदा फूल की खुशबू से जीवन संवारने में जुटे हैं. प्रगतिशील किसान श्री सिंह ने पहली बार स्ट्रॉबेरी का खेती की है. एक बीघा भूमि पर उद्यान विकास विभाग के सहयोग से मिला है. पारंपरिक फसलों से शुरू करते हुए अनंगो ने नकद फसल ओर गेंदा फूल से अपनी आय बढ़ायी है. वे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं. किसान ने सालाना एक लाख रुपये का मुनाफा कमाने का लक्ष्य रखा है.
टमाटर, भिंडी और करेला से शुरुआत की
अनंगो कुमार सिंह पहले अपने खेतों में टमाटर, भिंडी और करेला से शुरुआत की. उन्हें अच्छे परिणाम मिले. अच्छा-खासा मुनाफा होने पर हिम्मत बढ़ी. इसके बाद उद्यान विभाग के उद्यम मित्र मृत्युंजय कुमार के मार्गदर्शन से जैविक विधि से स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की. वर्तमान में 600 रुपये किलो स्ट्रॉबेरी बेच रहे हैं.प्रशिक्षण के बाद आधुनिक तकनीक को अपनाया
अनंगो कुमार सिंह ने उद्यान विभाग के प्रखंड से जिला के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया. खेती की आधुनिक तकनीक को अपनाया. जैविक विधि और संरक्षित खेती से उपज में सुधार किया. पर्यावरण अनुकूल खेती का उदाहरण प्रस्तुत किया. अनंगो के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी मेहनत करते हैं.उद्यान योजना से मिला बिचड़ा व बीज
श्री सिंह ने कहा कि उद्यान योजना से स्ट्रॉबेरी का बिचड़ा और गेंदा फूल का बीज मिला. इसकी जानकारी उद्यम मित्र मृत्युंजय मार्डी ने दी. प्रभारी कृषि पदाधिकारी कृष्ण सिंह कुंतियार ने बताया कि क्षेत्र में पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती हुई है. बीडीओ डांगुर कोड़ाह ने बताया बहुत अच्छा है. कृषि क्षेत्र में पूर्ण रूप से किसान को सहायता देने की कोशिश की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
