East Singhbhum News : झारखंड गठन को 25 साल, फिर भी स्कूलों में नहीं शुरू हुई बांग्ला की पढ़ाई : बलमुचू

घाटशिला. पोइला बैसाख पर रंकिणी मंदिर में उमड़ी बंगाली समाज की भीड़

By ANUJ KUMAR | April 15, 2025 11:53 PM

प्रतिनिधि, घाटशिला

पोइला बैसाख (बांग्ला नववर्ष) पर मंगलवार को घाटशिला के रंकिणी मंदिर में काफी संख्या में बंगाली समाज के लोग एकत्र हुए. बांग्ला भाषा-भाषी समुदाय के साथ अन्य समुदाय के लोगों ने भी मां रंकिणी की पूजा कर परिवार और समाज की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. सुबह से दोपहर तक मंदिर परिसर में भीड़ रही. मंदिर के पुजारी जगन्नाथ पांडा ने पारंपरिक विधि से पूजा करायी. झारखंड के पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्यसभा के पूर्व सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू भी मंदिर पहुंचे. उन्होंने मां रंकिणी की पूजा कर देशवासियों के कल्याण की कामना की. बलमुचू ने कहा कि झारखंड बने 25 वर्ष हो गये, लेकिन बांग्ला भाषा की पाठ्य पुस्तकें अबतक नहीं छप रही हैं. कभी पूर्वी सिंहभूम के अधिकतर प्राथमिक, माध्यमिक और कहीं-कहीं उच्च विद्यालयों में बांग्ला की पढ़ाई होती थी, लेकिन आज पठन-पाठन पूरी तरह बंद हो गया है. गठबंधन सरकार को इस दिशा में अविलंब कदम उठाना चाहिए. पोइला बैसाख पर विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत व उनकी पत्नी राजश्री भकत ने भी मां रंकिणी की पूजा कर सुख-शांति की प्रार्थना की. वहीं जिला परिषद सदस्य कर्ण सिंह, पूर्व जिला पार्षद गीता मुर्मू, मंटू प्रजापति, सत्यनारायण पुष्टि, बिशु दंडपाट, सुनील जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया.

गौरीकुंज उन्नयन समिति की बांटे चना-गुड़, शबरत और पुस्तकें

गौरी कुंज उन्नयन समिति की ओर से समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी की अगुवाई में चना-गुड़, शरबत तथा बांग्ला वर्णमाला की पुस्तकें बच्चों के बीच वितरित की गयी. मौके पर उत्तम सिन्हा, नीलू दत्ता, मृणाल कांति विश्वास, शिल्पी सरकार, अर्जुन सिंह, बबलू नायक, शिवाजी चटर्जी, प्रदीप भद्रो, राजेश पांडा, कांतोलाल दास समेत समिति के कई सदस्य उपस्थित थे.

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