East Singhbhum News : पहले जिस खेत में फसल लहलहा रहे थे, आज मिट्टी-कीचड़ की परत जम गयी है
डुमरिया. बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ी, फिर से खेत तैयार करने में खर्च होंगे 50 हजार
By AKASH | Updated at :
डुमरिया डुमरिया प्रखंड में लगातार बारिश व बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है. 29 जून को आयी बाढ़ ने नदी तट के खेतों में लगी फसल को बर्बाद कर दिया. बाढ़ के पहले जिस जमीन पर छोटे-छोटे पौधे लहलहा रहे थे. बाढ़ के बाद मिट्टी- बालू की मोटी परत जम गयी है. डुमरिया प्रखंड के पुंड़बाद के प्रगतिशील किसान निर्मल साव शंख नदी के तट पर अपनी दो बीघा जमीन में मिट्टी तैयार कर झींगा, करेला, लौकी, खीरा, बरबटी व बीन्स की खेती की थी. पौधे अंकुरित होकर दो-तीन पत्ते भी निकल गये थे. दो बीघा जमीन में खेती में अबतक लगभग 30 हजार खर्च भी कर चुके थे. लेकिन अचानक 29 जून की सुबह आयी बाढ़ ने आंखों के सामने बर्बाद कर दिया. निर्मल साव ने बताया कि बाढ़ आने के एक दिन पहले तक सभी छोटे-छोटे पौधे लहलहा रहे थे. पर बाढ़ ने सबकुछ खत्म कर दिया. जमीन में नदी की मिट्टी-कीचड़ भर गयी. अब खेत को फिर से तैयार करने में 40 से 50 हजार खर्च होंगे. सिर्फ मेरा ही नहीं मेरे आस-पास तथा नदी तट पर बने अधिकतर किसानों के खेत बर्बाद हो गये. लेकिन अब तक विभागीय पदाधिकारी व कर्मचारी देखने तक नहीं आये.
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