East Singhbhum News : तकनीकी खेती से बसंती मुंडा बनीं लखपति
सालाना 1.80 लाख तक पहुंची आय, अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
By ATUL PATHAK | Updated at :
धालभूमगढ़. आधुनिक तकनीक और दृढ़ इच्छाशक्ति कैसे जीवन बदल सकती है, इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है मौदाशोली पंचायत के तेतुलडांगा निवासी बसंती मुंडा ने. कभी पारंपरिक खेती से घर चलाने को मजबूर बसंती आज लखपति किसान की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं. बसंती मुंडा ””””मां सरस्वती महिला मंडल”””” की सक्रिय सदस्य हैं. बसंती मुंडा के अनुसार शुरुआत में पुराने ढर्रे पर खेती करती थी. लागत अधिक और उत्पादन कम होने के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना भी कठिन था. सीनी टाटा ट्रस्ट और आरडीए के सहयोग से उन्हें लखपति किसान योजना से जोड़ा गया. यहां उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता मिली.
आधुनिक खेती करने का प्रशिक्षण लिया
बसंती ने उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक सिंचाई तकनीकों का प्रशिक्षण लिया. इसके बाद उन्होंने टमाटर, बैंगन, मिर्च और मौसमी सब्जियों की वैज्ञानिक तरीके से खेती शुरू की. वैज्ञानिक खेती का परिणाम सुखद रहा. बसंती अब स्थानीय बाजारों में अपनी सब्जियां बेचती हैं. बसंती मुंडा ने कहा कि पहले की तुलना में मेरी आय कई गुना बढ़ गयी है. अब सालाना 1.80 लाख रुपये तक की आमदनी हो रही है, जिससे बच्चों की शिक्षा और घर की स्थिति काफी बेहतर हो गयी है. बसंती जिस सरस्वती महिला मंडल से जुड़ी हैं, वह आरडीए द्वारा संचालित एक स्वयं सहायता समूह है. आरडीए के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कंचन कर ने बताया कि प्रखंड में 7500 महिला किसानों के लिए आदिवासी नारी उत्थान आजीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बनायी गयी है. यह कंपनी किसानों को उचित समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराती है और उनके उत्पादों को बड़े बाजारों या मंडियों में ऊंचे दामों पर बिकवाती है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलता है.