East Singhbhum News : कालचिती में बच्चा चोरी का प्रयास मां के शोर मचाने पर भागे बदमाश

खुद को घिरता देख दो लोग अंधेरे का फायदा उठा मौके से हुए फरार

घाटशिला. घाटशिला थाना के कालचिती गांव में सोमवार देर रात में आशुतोष महतो के घर को निशाना बनाकर घुसे बदमाशों ने एक मासूम बच्ची को उठाने की कोशिश की, पर परिवार की सतर्कता से अनहोनी टल गयी. ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 12 बजे की है. आशुतोष महतो के घर में सभी सो रहे थे. तभी एक व्यक्ति चुपके से कमरे में दाखिल हुआ और सो रही बच्ची को उठाने का प्रयास किया. इसी बीच बच्ची की नींद खुल गयी और वह जोर-जोर से रोने लगी.

बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मां की नींद खुली

बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उसकी मां तुरंत जाग गयी और खतरे को भांपते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया. मां की आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य और आसपास के पड़ोसी लाठी-डंडे लेकर दौड़े. खुद को घिरता देख बदमाश तुरंत अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस घटना में दो लोग शामिल थे. पहला घर के अंदर घुसकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था और दूसरा घर के बाहर मोटरसाइकिल स्टार्ट कर अपने साथी का इंतजार कर रहा था.

दो युवकों ने बुरुडीह डैम तक पीछा किया

ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए मोटरसाइकिल से बदमाशों का पीछा भी किया. स्थानीय निवासी धनंजय महतो ने बताया कि दो युवकों ने बुरुडीह डैम तक बदमाशों का पीछा किया, लेकिन रात के अंधेरे और सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर दोनों बाइक सवार भागने में सफल रहे. इस घटना के बाद से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण है. ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ायी जाये और संदिग्धों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाये.

बिड़रा में बच्चा चोर समझ 6 मजदूरों को भीड़ ने घेरा

पटमदा. पटमदा थाना के बिड़रा गांव में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी, जब बाहरी राज्यों से आए 6 मजदूरों को ग्रामीणों ने ””बच्चा चोर”” समझकर घेर लिया. देखते ही देखते सैकड़ों महिला-पुरुषों की उग्र भीड़ जमा हो गयी और मारपीट की नौबत आ गयी. हालांकि, मौके पर पहुंचे बिड़रा पंचायत के उप मुखिया गोपाल गोराई के हस्तक्षेप से बड़ा हादसा टल गया. जानकारी के अनुसार, पकड़े गये सभी मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं. वे आगुइडांगरा स्थित बीकेएस ईंट भट्ठे में काम करते हैं. मंगलवार को काम बंद होने के कारण वे घूमते हुए बिड़रा गांव पहुंच गये थे. ग्रामीण जब उनसे पूछताछ करने लगे, तो भाषा अलग होने के कारण वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये. यही ””बच्चा चोरी”” की अफवाह को हवा दे दी और भीड़ हिंसक होने लगी.

आधा घंटा तक चला हाइ वोल्टेज ड्रामा:

भीड़ ने मजदूरों को घेरकर करीब आधे घंटे तक हंगामा किया. मजदूरों में दो महिलाएं भी शामिल थीं, जो बुरी तरह डरी हुई थीं. सूचना मिलते ही उप मुखिया गोपाल गोराई घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने भीड़ को शांत कराया और मजदूरों से अलग से पूछताछ की. उप मुखिया ने तत्काल ईंट भट्ठे के मुंशी कर्ण मोहंती को मौके पर बुलाया. मुंशी ने पहचान की कि ये सभी उनके यहां कार्यरत मजदूर हैं. सत्यापन के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया. मजदूरों को बचाने के बाद उप मुखिया ने ग्रामीणों को कड़ी हिदायत दी और अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति को देखते ही उसे अपराधी न मानें. कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें.

बच्चा चोरी की अफवाह से दहशत स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम

धालभूमगढ़. क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से फैली ””बच्चा चोर”” की अफवाह ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस अफवाह की डर का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है. आलम यह है कि दहशत के कारण अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल और ट्यूशन भेजना बंद कर दिया है, जिससे उनकी पढ़ाई और खेलकूद पूरी तरह ठप हो गयी है.

शिक्षा सहायता केंद्र के बच्चों और अभिभावकों ने सौंपा ज्ञापन

मंगलवार को रावताड़ा शिक्षा सहायता केंद्र के बच्चों और उनके अभिभावकों ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला पार्षद हेमंत मुंडा से मुलाकात की. उन्होंने एक लिखित आवेदन सौंपकर क्षेत्र में फैले भ्रम को दूर करने के लिए व्यापक जागरुकता अभियान चलाने की मांग की. अभिभावकों का कहना है कि बच्चे डर के मारे घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. पढ़ाई के साथ-साथ उनकी खेलकूद की प्रतिभा पर भी विपरीत असर पड़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में असुरक्षा का माहौल इतना गहरा है कि लोग किसी भी अजनबी को शक की निगाह से देख रहे हैं.मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पार्षद हेमंत मुंडा ने कहा कि इन अफवाहों से न केवल जनता, बल्कि पुलिस प्रशासन भी परेशान है. उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अब तक बच्चा चोरी या किसी बच्चे के गायब होने की एक भी आधिकारिक घटना सामने नहीं आयी है. उन्होंने ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर उत्तेजना में आकर मारपीट न करें और न ही कानून अपने हाथ में लें. यदि कोई संदिग्ध दिखे, तो उससे पूछताछ करें और तुरंत पुलिस या मुझे सूचना दें ताकि सच्चाई की जांच की जा सके.

इन अभिभावकों ने उठाये सवाल

इस आवेदन पर सुकदेव पातर, रोहित दास, कनिका दास, आरती कर्मकार, मानसी दास, पतित पवन दास, प्रिंस नामता, रतिन हेंब्रम, शिवम राउल, शंपा कर्मकार, रीता राउल और जेनेत मुर्मू समेत दर्जनों अभिभावकों के हस्ताक्षर हैं.

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Published by: Atul pathak

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