नक्सली संगठन . हाजारी हेंब्रम और रानी मुंडा के सरेंडर से स्थिति बदली
गालूडीह : पुरुलिया में सरेंडर करने वाले हाजारी हेंब्रम और रानी मुंडा दलमा स्क्वायड के थे. दोनों के एक साथ सरेंडर कर देने से दलमा और दामपाड़ा स्क्वायड भी अब कमजोर हो गया है. इसके पूर्व सांसद हत्याकांड के आरोपी रंजीत पाल उर्फ राहुल ने भी अपनी पत्नी झरना के साथ सरेंडर कर दिया था. वह भी इसी स्क्वायड का था. इस स्क्वायड के कमजोर होने से शीर्ष माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश का अब ज्यादा दिनों तक इस क्षेत्र में टिक पाना मुश्किल होगा.
माओवादी नेता सह बंगाल स्टेट कमेटी के सचिव असीम मंडल उर्फ आकाश फरवरी 2017 से लापता है. बासाडेरा मुठभेड़ के कांड के बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है.
हालांकि इसके बाद दो जगहों पर पुलिस के साथ नक्सलियों का आमना सामना हुआ था. आकाश पुलिस से हत्थे नहीं चढ़ा. जानकार मानते हैं कि दलमा, दामपाड़ा स्क्वायड कमजोर होने से आकाश ज्यादा दिनों तक बच नहीं पायेगा.
दलमा स्वायड का डिप्टी कमांडर था हाजारी हेंब्रम
सरेंडर करने वाले हाजारी हेंब्रम दलमा स्क्वायड का डिपूटी कमांडर के पद पर था. वह बीजीओ/बीआरसी का मेंबर भी था. वह 2012 में दलमा स्क्वायड में है. उसके खिलाफ 16 मामले दर्ज है.जबकि रानी मुंडा उसके साथ ही दलमा स्क्वायड में थी. दोनों के सरेंडर करने से सीमा सटे उत्तरी इलाके से नक्सलियों का दबदबा समाप्त हो जायेगा.
