धालभूमगढ़.
एनएच-18 पर धालभूमगढ़ फ्लाइओवर के समीप रविवार दोपहर एक अनियंत्रित डंपर ने तांडव मचाया. मवेशी को बचाने के प्रयास में एक डंपर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में जा घुसा और सामने से आ रहे तीन ट्रकों, एक ट्रेलर और एक पिकअप वैन को अपनी चपेट में ले लिया. भीषण भिड़ंत में पिकअप वैन के परखच्चे उड़ गए और चालक केबिन में ही बुरी तरह फंस गया.मवेशी को बचाने में बिगड़ा संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाटशिला से बहरागोड़ा की ओर जाने वाली लेन में एक ट्रक (जेएच 10 बीभी 1635) खड़ा था, जिसके पीछे सरिया लदा पिकअप वैन (जेएच 05 सीसी 1891) और एक ट्रेलर (जेएच 05 बीडी 1198) जा रहा था. इसी दौरान विपरीत दिशा से फ्लाइओवर से उतर रहे खाली डंपर (जेएच 02 बीएल 6896) के सामने अचानक एक मवेशी आ गया. चालक ने मवेशी को बचाने के लिए डंपर को दाहिनी ओर मोड़ा, जिससे वह अनियंत्रित होकर डिवाइडर लांघते हुए दूसरी लेन में घुस गया और सीधे पिकअप वैन से टकरा गया. घटना के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया.108 एंबुलेंस सेवा पर फूटा लोगों का गुस्सा:
हादसे के बाद समय पर सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया. 108 सेवा को कॉल करने पर बताया गया कि पास में कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है और बहरागोड़ा से वाहन भेजा जाएगा. ””””सेवा ही धर्म”””” संस्था के नौशाद अहमद ने कहा कि सरकारी एंबुलेंस की सुस्ती के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है. अंततः संस्था की निजी एंबुलेंस से सुशांत चौबे और नौशाद ने घायल को जमशेदपुर पहुंचाया.
केबिन काटकर घायल को निकाला गया, एमजीएम रेफर
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वैन के चालक पटमदा (केंदाडीह) निवासी गुणधर महतो (33) केबिन में ही दब गए. स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला. ””””सेवा ही धर्म”””” संस्था के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. डॉ. प्रशांत प्रिय ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि चालक के दोनों पैर टूट गए हैं और सिर में गंभीर चोटें आयी हैं, जिसके बाद उन्हें एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया. भाजपा मंडल अध्यक्ष काकुली सिंह भी अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना.
एक लेन में लगा लंबा जाम सर्विस रोड अतिक्रमण पर सवाल
दुर्घटना के बाद एनएच की एक लेन पूरी तरह जाम हो गया. सूचना मिलते ही एएसआइ मिथुन किस्कु पुलिस बल के साथ पहुंचे और जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर आवागमन सामान्य कराया. स्थानीय लोगों ने सर्विस रोड पर दुकानों के सामने बेतरतीब खड़े रहने वाले वाहनों पर भी सवाल उठाए. लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दो-दो कतारों में वाहन खड़े रहने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन मौन है.
